पहले ही राउंड में हांसी के नरेंद्र बेरवाल का ‘सुपर पंच’, तीन बार गिरे थाई मुक्केबाज; भारत का पदक पक्का
एशियाई खेल 2026 में हांसी के नरेंद्र बेरवाल ने मुक्केबाजी के क्वार्टर फाइनल में थाई मुक्केबाज को पहले ही राउंड ...और पढ़ें

पहले ही राउंड में हांसी के नरेंद्र बेरवाल का ‘सुपर पंच’। फोटो जागरण
HighLights
नरेंद्र बेरवाल ने एशियाई खेल 2026 में पदक पक्का किया।
थाई मुक्केबाज को पहले ही राउंड में हराकर सेमीफाइनल में पहुंचे।
उनकी आक्रामक जीत से स्वर्ण पदक की उम्मीदें बढ़ीं, गांव में जश्न।
जागरण संवाददाता, हांसी। एशियाई खेल 2026 के मुक्केबाजी रिंग में हांसी के सोरखी गांव निवासी सूबेदार नरेंद्र बेरवाल ने ऐसी पंच वर्षा की कि थाईलैंड का मुक्केबाज एक राउंड भी नहीं टिक सका। पुरुषों के +92 किलोग्राम सुपर हेवीवेट वर्ग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में नरेंद्र ने अदथापोंग सेंगतेप को पहले ही राउंड में पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ नरेंद्र ने भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर दिया है।
मुकाबला शुरू होते ही नरेंद्र ने रक्षात्मक खेल के बजाय आक्रामक रुख अपनाया। उनके सटीक और ताकतवर पंचों के सामने थाई मुक्केबाज बेबस दिखाई दिया। नरेंद्र ने पहले राउंड में ही विरोधी को तीन बार रिंग में गिराया। हर बार रेफरी को काउंटिंग करनी पड़ी। लगातार भारी पंच लगने और थाई मुक्केबाज के मुकाबला जारी रखने की स्थिति में नहीं होने के कारण पहले राउंड में ही नरेंद्र को विजेता घोषित कर दिया गया।
जीत की घोषणा के साथ भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। नरेंद्र ने न केवल पदक सुनिश्चित किया, बल्कि जिस आक्रामक अंदाज में क्वार्टर फाइनल जीता, उससे स्वर्ण पदक की उम्मीद भी बढ़ गई है।
पहली घंटी से ही विरोधी पर टूट पड़े नरेंद्र
मुकाबले की पहली घंटी बजते ही नरेंद्र ने अपनी लंबी पहुंच और मजबूत कद-काठी का पूरा लाभ उठाया। उन्होंने सीधे पंच, हुक और अपरकट के सहारे अदथापोंग को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। थाई मुक्केबाज ने जवाबी हमला करने की कोशिश की, लेकिन नरेंद्र ने उसे संभलने का कोई अवसर नहीं दिया।
पहले राउंड में तीन बार गिरने के बाद अदथापोंग की चुनौती समाप्त हो गई। नरेंद्र की तेजी और पंचों की ताकत के कारण मुकाबला दूसरे राउंड तक नहीं पहुंच सका। उनकी यह जीत एशियाई खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में शामिल हो गई।
सोरखी में जश्न, अब स्वर्ण पदक की उम्मीद
नरेंद्र की जीत की खबर मिलते ही सोरखी गांव और हांसी क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। परिजनों और ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया। खेल प्रेमियों ने कहा कि नरेंद्र ने अपने दमदार प्रदर्शन से एक बार फिर गांव, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है।
अब सभी की निगाहें नरेंद्र के सेमीफाइनल मुकाबले पर टिक गई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पहले राउंड में क्वार्टर फाइनल जीतने वाला सोरखी का यह मुक्केबाज अपनी लय बरकरार रखते हुए फाइनल में पहुंचेगा और भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतेगा।
