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हरियाणा के स्कूलों में बच्चों से सवाल पूछकर परखा जाएगा पढ़ाई का स्तर, इस महीने बदल जाएगा पढ़ाने का तरीका

Published: Sat, 05 Sep 2026 04:37 PM (IST)

सितंबर में हांसी के सरकारी स्कूलों का व्यापक निरीक्षण होगा, जिसमें केवल सुविधाओं ही नहीं बल्कि बच्चों के शैक्षणिक स्तर और शिक्षकों की पढ़ाई की गुणवत्ता भी परखी जाएगी।

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HighLights

  1. सितंबर में सरकारी स्कूलों का व्यापक निरीक्षण किया जाएगा

  2. बच्चों के शैक्षणिक स्तर और शिक्षकों की डायरी जांची जाएगी

  3. कम उपस्थिति वाले स्कूलों व स्वच्छता पर विशेष ध्यान

जागरण संवाददाता, हांसी। सितंबर में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बच्चों की परीक्षा लेते नजर आएंगे तो शिक्षा विभाग स्कूलों की ‘क्लास लेगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारी केवल यह देखकर वापस नहीं लौटेंगे कि स्कूल में बिजली-पानी है या नहीं और बच्चे डेस्क पर बैठे हैं या नहीं।

इस बार जांच कक्षा के भीतर तक पहुंचेगी। विद्यार्थियों से सवाल पूछकर उनका शैक्षणिक स्तर परखा जाएगा, कापियां देखकर यह जाना जाएगा कि नियमित काम करवाया जा रहा है या नहीं और शिक्षक की डायरी से कक्षा में करवाई जा रही पढ़ाई की स्थिति जांची जाएगी। विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति भी निरीक्षण का अहम हिस्सा रहेगी।

इसके साथ शौचालय, पेयजल, डेस्क, साफ-सफाई और दूसरी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति देखी जाएगी। खास नजर ऐसे स्कूलों पर रहने की संभावना है, जहां विद्यार्थियों की उपस्थिति कम है या शैक्षणिक प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर है। ऐसे स्कूलों में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी निगरानी की जा सकती है।

विशेष निरीक्षण अभियान को लेकर हाल ही में हांसी जिला शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण बैठक भी हुई थी, जिसमें विभाग से जुड़े 100 से अधिक अधिकारी शामिल हुए। 

बैठक में स्कूलों की व्यवस्थाओं के साथ पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी फोकस रखने को लेकर चर्चा की गई। सितंबर का यह अभियान इसलिए अहम होगा क्योंकि इसमें स्कूल की व्यवस्था और कक्षा में हो रही पढ़ाई को एक साथ परखा जाएगा।

कॉपी बताएगी कितना हुआ काम, डायरी खोलेगी शिक्षक की तैयारी

निरीक्षण में विद्यार्थियों की कॉपियां महत्वपूर्ण आधार बनेंगी। इससे कक्षा में करवाए गए काम की स्थिति देखी जाएगी। इसके साथ शिक्षक की डायरी और हाजिरी भी जांची जाएगी।

गतिविधि आधारित शिक्षण पर भी ध्यान रहेगा, ताकि यह देखा जा सके कि विद्यार्थियों को सीखने से जोड़ने के लिए कक्षा में किस प्रकार प्रयास किए जा रहे हैं। कम उपस्थिति वाले स्कूलों में बच्चों को नियमित स्कूल लाने के प्रयासों पर भी फोकस रहेगा।

प्राथमिक स्कूलों में शौचालय और साफ पेयजल पर खास नजर

छोटे बच्चों की जरूरतों को देखते हुए प्राथमिक विद्यालयों में शौचालयों की स्वच्छता और साफ पेयजल को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। निरीक्षण में शौचालयों की सफाई के साथ जल निकासी की स्थिति भी देखी जाएगी।

विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी जोर रहेगा, ताकि स्कूल परिसर में साफ-सफाई की आदत विकसित हो और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम किए जा सकें।

खेल मैदान भी आएंगे सफाई की निगरानी के दायरे में

स्कूल भवन और शौचालयों के साथ अब खेल मैदान और आसपास के परिसर की सफाई पर भी नजर रहेगी। स्कूलों में साफ-सफाई की मासिक मानिटरिंग करने पर जोर दिया गया है।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को कक्षा के भीतर ही नहीं, पूरे स्कूल परिसर में स्वच्छ वातावरण मिले। निरीक्षण के दौरान केवल व्यवस्था दर्ज करने के बजाय कमियां मिलने पर उनमें सुधार के प्रयासों को भी देखा जाएगा।