यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डेरामुखी राम रहीम सिंह से सुनारिया जेल में सात घंटे पूछताछ, 70 से ज्यादा सवालों की थी लिस्ट
पंजाब पुलिस की स्पेशल जांच टीम (एसआइटी) सुनारिया जेल में पहुंची। बेअदबी प्रकरण में पुलिस की टीम करीब नौ घंटे ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, रोहतक : बेअदबी प्रकरण में पंजाब पुलिस की स्पेशल जांच टीम (एसआइटी) सुनारिया जेल में पहुंची। पुलिस की टीम करीब नौ घंटे जेल में रही और डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह से सात घंटे से अधिक समय तक अलग-अलग दौर में पूछताछ की। सवालों की लंबी फेहरिस्त के चलते गुरमीत सिह काफी हताश और परेशान रहें। सूत्रों का कहना है कि अधिकतर सवालों का जवाब गर्दन हिलाकर हां-ना में ही दिया।
पंजाब पुलिस महानिरीक्षक सुरिंदर पाल सिंह के नेतृत्व में करीब दस गाड़ियों का काफिला सुबह करीब दस बजे सुनारिया जेल के पुलिस नाके पर पहुंचा। नाके पर वाहनों की जांच पड़ताल की गई और अधिकारियों से बातचीत करने के बाद जेल की तरफ जाने दिया। दस गाड़ियों में 25 से 30 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। अधिकारियों ने सबसे पहले जिला मजिस्ट्रेट कैप्टन मनोज कुमार से अनुमति ली। इसके बाद जेल प्रशासन से बातचीत की। जेल प्रशासन द्वारा गुरमीत सिंह से पूछताछ करने के लिए स्पेशल कमरे में व्यवस्था की गई। बताया जाता है कि पूछताछ की वीडियोग्राफी भी की गई है।
पहले घंटे में गुरमीत सिंह ने सवालों के जवाब देने में कोई ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन दूसरे दौरे में पूछताछ की गई तो वे परेशान हो गए। इसके बाद तो सवाल के जवाब में गर्दन हिलाकर हां और ना ही करते रहे। एसआइटी पहले से ही 70 से अधिक सवाल तैयार करके पहुंची थी। लेकिन पूछताछ के दौरान कई नए सवाल भी सामने आए, जिसके जवाब भी कलमबद्ध किए गए।
डेरामुखी बार-बार पीते रहे पानी
एसआइटी ने जेल में करीब सात घंटे पूछताछ की। इस दौरान एक बार लंच किया और दो बार चाय पी। इसके अलावा लगातार पूछताछ की गई। अलग-अलग अधिकारी सवालों की सूची के साथ डेरामुखी के पास पहुंचे और जवाब लिए। डेरामुखी बार-बार पानी पी रहे थे। उसके साथ ही पानी की बोतल रखी गई थी ताकि किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए डेरामुखी ने कुछ देर तक आराम करने की अनुमति भी ली।
ये अधिकारी पहुंचे थे सुनारिया जेल
पंजाब पुलिस के आइटी सुरिंदर सिंह परमार, एसएसपी सरदार मुखविंदर सिंह भुल्लर, इंस्पेक्टर दलबीर सिंह सीआइए मलेरकोटला, इंस्पेक्टर इकबाल हुसैन एसएचओ बाजा खाना, एसआइ हरप्रीत सिंह एचएसओ मलेरकोटला के अलावा अन्य अधिकारी अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे। पंजाब पुलिस की टीम पंजाब नंबरों की तीन इनोवा, तीन स्कारपियो, जिप्सी पायलट, दो स्विफ्ट डिजायर, एक स्लेरियो तथा एक कोरोला एटलस गाड़ी में सवार होकर आए थे। तीन गाड़ियों में पुलिस के साथ ही मीडिया कर्मी सवार थे, जो पंजाब से ही पहुंचे थे। जेल की पार्किंग से स्थानीय पुलिस ने मीडिया कर्मियों को वापस भेज दिया गया।
इस मामले में की गई पूछताछ
जून से अक्टूबर 2015 तक पंजाब के फरीदकोट के बुर्ज जवाहर सिंहवाला और बरगाड़ी में बेअदबी की घटनाएं हुई थी। इस मामले में डेरामुखी पर आइपीसी की धारा 380, 295ए, 201, 414, 451 और 120बी के तहत अारोप है। इस मामले में फरीदकोट की अदालत ने 29 अक्टूबर को डेरामुखी को पेश होने के आदेश जारी किए थे। अदालत ने 25 अक्टूबर को प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए थे। पेशी की तारीख से एक दिन पहले हाईकोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट पर रोक लगाकर एसआइटी को सुनारिया जेल में ही पूछताछ करने के आदेश जारी किए थे। पंजाब पुलिस की एसअाइटी इस मामले में पूछताछ करने पहुंची है।
