फोटो : 53

जागरण संवाददाता, हिसार : अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव व हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने व्यापारियों की मीटिग लेने के उपरांत कहा कि पेट्रोल व डीजल पर टैक्स कम करके इसे तुरंत प्रभाव से जीएसटी के दायरे में लाया जाए, जबकि पेट्रोल व डीजल की बेस प्राइस कम है उस पर केंद्र व प्रदेश सरकार का टैक्स ज्यादा है, जो जनता की जेबों में ढाका डालने वाली बात है। 17 सितंबर को जीएसटी काउंसलिग की 45 वीं बैठक है। जीएसटी काउंसलिग की बैठक में पेट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का निर्णय लेकर जनता को राहत देनी चाहिए, जबकि हर बार जीएसटी की बैठक में पेट्रोल व डीजल पर टैक्स कम करके जीएसटी के दायरे में लाने की बात कहीं जाती है मगर खाली विचार करके इस मामले को आगे विचार करने के लिए कहां जाता है जो देश की आम जनता के साथ ज्यादती है। राष्ट्रीय मुख्य महासचिव बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार की गलत नीतियां व कोरोना महामारी के कारण आम जनता का बजट बिगड़ चुका है। पेट्रोल व डीजल के दामों में भारी भरकम बढ़ोतरी होने से देश व प्रदेश में ट्रांसपोर्टिंग पहले से 30 प्रतिशत महंगी हो गई है। सरकार ने जीएसटी लागू करते समय कहा था एक देश एक टैक्स भारत देश में होगा मगर भारत देश तो एक है पर देश में टैक्स दरें 6 प्रकार की हुई। सरकार को टैक्स का स्लैब अधिकतम दो प्रकार का करना चाहिए।

Edited By: Jagran