हरियाणा के हिसार में टायरों के नीचे दस मिनट तक तड़पती रही छात्रा, बस छोड़ भागे ड्राइवर-कंडक्टर
हिसार में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय की छात्रा विजेता बरवाला चुंगी पर एक बस की चपेट में आ गई, जिससे उसका आधा शरीर टायरों के नीचे दब गया।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
हिसार में छात्रा बस के टायरों के नीचे फंसी
चालक-परिचालक बस छोड़कर मौके से फरार हो गए
मैकेनिक ने बस हटाकर छात्रा को बाहर निकाला
जागरण संवाददाता, हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (गुजवि) के पास बरवाला चुंगी पर मंगलवार सुबह तब अफरा-तफरी मच गई, जब विश्वविद्यालय की एक छात्रा बस के नीचे आ गई।
शर्मनाक बात यह है कि टायरों के नीचे छात्रा के आने के बाद चालक और परिचालक बस छोड़कर भाग गए। छात्रा के शरीर का आधा हिस्सा करीब 10 मिनट तक टायरों के नीचे दबा रहा। बस सवार यात्रियों और राहगीरों ने उसे निकालने का प्रयास किया लेकिन नाकाम रहे।
फिर एक गैराज मैकेनिक ने हिम्मत दिखाई और बस को छात्रा के ऊपर से हटाया। घायल छात्रा की पहचान सोनीपत निवासी विजेता के तौर पर हुई है। वह गुजवि के मनोविज्ञान विभाग की द्वितीय वर्ष की छात्रा है।
मंगलवार की सुबह अपने घर से वापस लौटी थी। वह किलोमीटर स्कीम के तहत चलने वाली रोहतक रोडवेज डिपो की बस से करीब साढ़े 11 बजे बरवाला चुंगी के पास उतरी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस से उतरने के बाद वह विश्वविद्यालय की तरफ पैदल चलने लगी। इसी दौरान चालक ने बस को मोड़ दिया। इससे छात्रा बस के पिछले टायरों के नीचे आ गई। उसके आधे शरीर पर दोनों टायर चढ़ गए। यह देखकर चालक और परिचालक, दोनों बस से उतरे और उसकी मदद करने की बजाय डरकर भाग गए। यात्री भी बस से नीचे उतर आए थे।
उन्होंने पुलिस को सूचना देने के साथ छात्रा को टायरों के नीचे से निकालने का प्रयास किया लेकिन नाकाम रहे। इसी दौरान एक गैराज मैकेनिक बस में चढ़ा और उसने बस को पीछे किया तो छात्रा को टायर के नीचे से बाहर निकाला जा सका। तब तक छात्रा बेहोश हो चुकी थी।
उसे नागरिक अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में लाया गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। बाद में स्वजन पहुंचे और उसे निजी अस्पताल में ले गए। उसका वेंटीलेटर पर उपचार चल रहा है। शहर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
