संवाद सहयोगी, हिसार : सरकार ने एडिड स्कूलों में स्वीकृत पदों पर कार्यरत शिक्षक व गैर शिक्षक स्टाफ, जिन्हें 75 फीसद वेतन सरकार व 25 फीसद वेतन स्कूल प्रबंधन की ओर से दिया जाता था, अब पूरी प्रक्रिया शिक्षा विभाग में मर्ज कर लिया है। अब जो वेतनमान व भत्ते एडिड स्कूलों में ले रहे थे, उनको वही वेतन व भत्ते सरकारी स्कूलों में मिलेंगे, लेकिन इसके विपरीत हरियाणा शिक्षा विभाग में एडिड स्कूलों में स्वीकृत पदों पर रहते हुए ऐसे कुछ शिक्षकों ने एसएस बोर्ड के माध्यम से उसी पद पर चुने जाने के बाद रिलीव होकर बैगर ब्रेक सरकारी स्कूलों में ज्वाइन किया। उनको उस वक्त जो स्वीकृत पदों पर एडिड स्कूलों में वेतन ले रहे थे, उन्हें निर्धारित वेतन न देकर शुरुआती वेतन दिया जा रहा है, जोकि सरासर गलत है। इसी मुद्दे को लेकर संबंधित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। शिक्षक राधेश्याम, प्रमोद गोयल, तारा व अन्य शिक्षकों ने कहा कि एडिड स्कूलों में स्वीकृत पदों पर रहते हुए कुछ शिक्षकों ने एसएस बार्ड के माध्यम से उसी पद पर चुने जाने के बाद रीलिव होकर ज्वाइन किया था। उन्हें शुरूआती वेतनमान दिया गया। लेकिन अब शिक्षा विभाग में मर्ज करने के बावजूद भी उन्हें वही वेतनमान दिया जा रहा है, जोकि सही नहीं है। इस समस्या के कारण शिक्षक वर्ग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Posted By: Jagran

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