जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड मामले में एक और बड़ी अपडेट सामने आई है। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने फतेहाबाद से एक और युवक को काबू किया है। पकड़ा गया युवक प्रदीप का दोस्‍त है। वही प्रदीप जो सिद्धू मूसेवाला की हत्‍या करने वाले शार्प-शूटर प्रियवर्त फौजी व अंकित सेरसा को हिसार के गांव किरमारा में रमेश के घर लेकर गया था। प्रदीप रमेश के लड़के मुनीष और नवदीप के साथ सेकेंड हैंड गाडि़यों की खरीद फराेख्‍त का काम करता है।

वह दोनों शार्प शूटर को प्रदीप किरमारा गावं में लेकर गया था। दोनों शूटर रात को रमेश के घर पर रुके और गांव में घूमे भी थे। इसकी अगली सुबह वहां से चले गए। दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम काे जब इस बात की भनक लगी तो दबिश दी और 19 जून की रात को रमेश के घर से उनके दोनों बेटे मुनीष और नवदीप को हिरासत में ले लिया।

इसके अलावा वह बैग भी बरामद कर लिया जिसे प्रदीप ने इनके घर पर स्‍टोर रूम में रख दिया था। इस बैग में सिद्धू मूसेवाला की हत्‍या करने वाले शूटरों के हथियार थे। वहीं इसके अगले दिन की रात प्रदीप को भी गांव किरमारा से ही हिरासत में ले लिया था। वहीं अब प्रदीप के एक दोस्‍त पवन को भी काबू किया है।

प्रदीप और पवन होटल संचालक भी हैं। माना तो यह भी जा रहा है कि शार्प शूटर इनके होटल भी रुके थे। अब पवन को भी दिल्ली पुलिस उसे भी पकड़कर ले गई है। हालांकि स्थानीय पुलिस इस तरह की जानकारी होने से इन्‍कार कर रही है। इससे साफ जाहिर है कि दिल्‍ली पुलिस ने इस आपरेशन में लोकल पुलिस को शामिल नहीं किया है। किरमारा में भी दबिश देने के दिन लोकल पुलिस को जानकारी नहीं दी गई थी। फतेहाबाद के एसपी सुरेंद्र सिंह भोरिया ने कहा कि हमारे पास ऐसा कोई इनपुट नहीं है।

बता दें कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड मामले में पहले ही फतेहाबाद से तार जुड़ चुके है। इससे पहले पंजाब की मानसा पुलिस ने गांव भिरडाना के पवन व नसीब को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इन आरोपितों पर आरोप है कि हत्यारोपितों को बोलेरो गाड़ी उपलब्ध करवाई थी। अब फिर फतेहाबाद से तार जुड़ रहे हैं।

फतेहाबाद में भी रुके थे शार्प-शूटर

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद शार्प-शूटर प्रियव्रत व अंकित सेरसा फतेहाबाद आए थे। यहां पर वे प्रदीप कुमार से मिले थे। उनके पास एक बैग था जिसमें हथियार थे। बताया जा रहा है कि प्रदीप अपने दोस्त रमेश के घर दोनों शार्प शूटरों को लेकर चला गया। प्रदीप व रमेश कुमार कारों की खरीद-फरोख्त का काम करते है। रातभर यहां पर रूके थे और चले गए। दो दिन पहले दिल्ली की स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम ने प्रदीप व रमेश के दोनों बेटे नवदीप व मुनीष को काबू कर लिया था। फतेहाबाद निवासी प्रदीप के खिलाफ पहले भी अनेक मामले दर्ज है, हालांकि फतेहाबाद पुलिस में उनके खिलाफ कोई रिकार्ड नहीं है। फतेहाबाद सुरेंद्र भोरिया ने कहा हमारे पास ऐसी कोई सूचना नहीं है और न ही किसी थाना में बाहर की पुलिस आने की सूचना है।  

Edited By: Manoj Kumar