जागरण संवाददाता, चरखी दादरी : प्रदेश के पूर्व सहकारिता मंत्री सतपाल सांगवान ने दादरी में जलजमाव की समस्या के स्थाई समाधान तथा जनस्वास्थ्य विभाग दादरी में अधिकारियों को तैनात करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को लिखे पत्र में पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने कहा कि अभी हाल ही में हुई बरसात के दौरान दादरी शहर में इतना पानी भर गया था कि लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। बाजारों में स्थित कई दुकानों में भी पानी घुस गया था। उन्होंने कहा कि दादरी के सरकारी स्कूल परिसर का भी उन्होंने निरीक्षण किया। सरकारी स्कूल में करीब चार फुट तक पानी भरा हुआ है।

सांगवान ने कहा कि यह सब विभाग की अनदेखी के कारण है। उन्होंने कहा कि दादरी जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में कार्यकारी अभियंता का पद खाली है। जबकि एसडीओ व जेई की हाल ही में तैनाती हुई है। सांगवान ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग में कार्यकारी अधिकारी की तैनाती की मांग को लेकर वे विभाग के चीफ इंजीनियर से लेकर कई मंत्रियों से भी बात कर चुके हैं। जिससे यहां पानी निकासी की व्यवस्था की जा सके। सतपाल सांगवान ने पत्र में बताया कि उनके मंत्री के तौर पर कार्यकाल के दौरान वर्ष 2010 में उन्होंने स्टीम्यूलेटिड पैकेज के तहत 50 करोड़ रुपये दादरी जनस्वास्थ्य विभाग को दिलवाए थे।

इस पैकेज के तहत सीवरेज और पानी निकासी की बहुत अच्छी व्यवस्था की गई थी। सदर थाना के बैक साइड स्थित डूंगरवाला जोहड़ से पानी निकासी के लिए पाइप डाले गए थे। लेकिन अब यहां पर पुलिस क्वार्टर बनाते समय इन पाइपों को उखाड़ दिया गया। जिसके कारण अब शहर से बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में दादरी जनस्वास्थ्य विभाग में जल्द से जल्द पूरा स्टाफ तैनात करने की मांग की है।

गांवों में जलजमाव का मुद्​दा उठाया

पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में ये भी बताया कि दादरी जिले के 17 गांवों में अभी भी बरसाती पानी भरा हुआ है और उनमें फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। ऐसे में उन्होंने इन खेतों की गिरदावरी करवाकर पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग भी मुख्यमंत्री से की है।

स्टीम्यूलेटिड पैकेज से हुए थे कई काम : सतपाल

सतपाल सांगवान ने बताया कि स्टीम्यूलेटिड पैकेज के 50 करोड़ रुपये से दादरी उपमंडल में छह बूस्टिंग स्टेशन बनवाए गए थे। इनके अलावा गांव रामनगर स्थित जलघर में एक टैंक, दादरी के नागरिक अस्पताल के पीछे एक ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण करवाया गया था। बाद में पैकेज के बचे 17 करोड़ रुपये इस्तेमाल न होने के कारण वापिस ही चले गए।

Edited By: Manoj Kumar