जागरण संवाददाता,झज्जर : शहीद रमेश कुमार राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल रूप के साथ वाले क्लर्क रूम में रविवार सुबह आग लग गई। जैसे ही रूम से धुआं उठता देखा तो सभी आग पर काबू पाने के लिए दौड़ पड़े। ताकि आग पर काबू पाया जा सके। आग को बढ़ता देख स्टाफ भी इसे बुझाने का प्रयास करने लगा और सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची। जब तक दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची उस समय तक स्टाफ ने आग पर काबू पा लिया था। लेकिन आग लगने के कारण रूम में रखा कंप्यूटर व अन्य सामान जलकर राख हो गया।

हादसा उस समय हुआ जब रविवार को एसएमसी (स्कूल प्रबंधन समिति) गठन के लिए स्कूल में अध्यापक, विद्यार्थियों के माता-पिता व एनएसएस कार्यक्रम के लिए विद्यार्थी आए हुए थे। इसी दौरान शहीद रमेश कुमार माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आग लग गई। आग बढ़ने के कारण विद्यार्थियों ने जब धुआं उठता हुआ देखा तो इसकी सूचना अध्यापकों को दी। ताकि आग पर काबू पाया जा सके। इसकी सूचना मिलते ही स्कूल में मौजूद स्टाफ आग पर काबू पाने में जुट गया। प्रिंसिपल जोगेंद्र सिंह ने बताया कि वे स्वयं भी रविवार को स्कूल आए हुए थे। जब आग लगने का पता चला तो तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। वे खुद स्कूल अध्यापक कुलदीप डागर व प्रवीण खुराना के साथ मिलकर स्कूल में रखे आग बुझाने के लिए रखे सिलेंडरों से आग पर काबू पाने के लिए जुट गए। करीब 8 सिलेंडर की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसी दौरान दमकल की गाड़ी भी पहुंच गई। तब तक आग पर काबू पाया जा चुका है।

प्रिंसिपल जोगेंद्र सिंह ने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद रूम को देखा तो पाया कि शार्ट सर्किट के कारण आग लगी है। जिसके कारण रूम में रखा कंप्यूटर व अन्य सामान सहित रिकार्ड जल गया। हालांकि रिकार्ड कितना नष्ट हुआ है। इसका अभी तक पता नहीं चला है। कंप्यूटर के सीपीयू से डाटा रिक्वर करने का प्रयास किया जाएगा। इस कंप्यूटर में विद्यार्थियों व स्कूल से संबंधित रिकार्ड था। हालांकि विद्यार्थियों का डाटा एमआइएस पोर्टल पर भी अपलोड कर दिया था, जो सुरक्षित होगा। वहीं जांच के बाद ही पता चला पाएगा कि कंप्यूटर का कितना डाटा नष्ट हुआ है

सामान्यत: रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण स्कूल बंद रहता है। केवल एक चौकीदार ही रहता है। अगर उस समय आग लगती तो उस पर काबू पाना भी आसान नहीं होता। वहीं रूम में रखा अन्य काफी सामान व रिकार्ड भी जल सकता था। या फिर बिजली वायर लाइन के जरिए कहीं और भी आग लग सकती थी। चौकीदार के समक्ष आग पर काबू पाना आसान नहीं होगा। बड़ा हादसा भी हो सकता था। लेकिन रविवार को स्कूल स्टाफ व विद्यार्थी स्कूल में मौजूद होने के कारण आग पर जल्दी काबू पा लिया गया। जिस कारण बड़े हादसे को होने से बचाया गया।

Edited By: Manoj Kumar