जागरण संवाददाता, हिसार : राज्य पशु प्रजनन परियोजना क्षेत्र 3 में ठेकेदार और पूर्व उपनिदेशक के खिलाफ मिलीभगत कर 18 लाख 91 हजार 500 रुपये का गबन करने का मामला सामने आया है। इस मामले से जुड़े उपनिदेशक के तबादले के बाद दूसरे अधिकारियों ने खुलासा किया है। हैरानी की बात यह है कि छह महीने तक अधिकारियों के बीच लाखों रुपये को लेकर मामला चलता रहा। उच्चाधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद कोई जांच इस मामले में नहीं बैठाई गई। नियमानुसार ठेकेदार के साथ मिलकर किए गए गबन पर अधिकारी जुर्माना लगाते रहे। इसी मामले में गबन का पैसा ठेकेदार द्वारा जमा करवाने के बाद अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को जुर्माना राशि को लेकर कार्रवाई करने की अनुमति मांगी है। साथ ही इसलिए हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के आदान एवं सवितरण अधिकारी ने चेयरमैन को पत्र लिखकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है।

अब देखना यह है कि पशुधन विकास बोर्ड के उच्चाधिकारियों की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर अधिकारी पर गाज गिर सकती है। वहीं इस मामले में ठेकेदार मुकेश बैनीवाल का कहना है कि डा. बागोरिया के भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने सीएम ¨वडो में शिकायत की हुई है। भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत वापस ले लूं, इसी को लेकर यह दबाव बनाया जा रहा है।

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यह लिखा है पत्र में - हिसार निवासी ठेकेदार मुकेश बैनीवाल को क्षेत्र तीन में गाय का दूध उठाने का ठेका दिया गया था। इस ठेके में यह शर्त थी कि ठेकेदार सप्ताह में दो बार दूध के पैसे उपनिदेशक, राज्य पशु प्रजनन परियोजना हिसार के कार्यालय में जमा करवाएगा। ठेकेदार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया और स्थिति यहां तक पहुंच गई कि ठेकेदार की तरफ 24, 30, 000 रुपये की देनदारी हो गई। तत्कालीन उपनिदेशक ने इस मामले में कोई ध्यान नहीं दिया था और उच्चाधिकारियों को सूचित तक नहीं किया। उनके स्थानांतरण के बाद डा. र¨वद्र हुड्डा ने उपनिदेशक कार्यालय में ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद उच्च अधिकारियों को सूचित। ठेकेदार का ठेका रद करने का अनुरोध किया। इसके बाद 1 मार्च 2018 को ठेकेदार का ठेका रद किया गया और ठेकेदार को दूध के पैसे जमा करवाने बारे बार में पत्र लिखा गया। अब ठेकेदार ने मूल राशि जमा करवा दी है और जुर्माना राशि 5,38,500 रुपये उसकी तरफ बकाया है। जोकि वह जमा करवाने के लिए तैयार नहीं है। इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट है कि ठेकेदार भी पूर्व उपनिदेशक के साथ मिला हुआ है तथा वह सरकारी पैसा हड़प करने की मंशा रखता है। इसलिए आपसे निवेदन है कि पूर्व उपनिदेशक के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई अमल में लाने का कष्ट करें और बकाया राशि की वसूली करने के लिए ठेकेदार के खिलाफ माननीय न्यायालय में रिकवरी के लिए कार्यवाही की अनुमति प्रदान करने की कृपा करें।

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छह माह बाद ठेकेदार ने जमा करवाए लाखों रुपये - एक मार्च 2018 को टेंडर रद होने के बाद ठेकेदार की ओर से कोई पैसा जमा नहीं करवाया गया। उस समय 1891500 रुपये बना था। छह महीने तक ठेकेदार ने पैसा जमा नहीं करवाया। ऐसे में 538500 रुपये जुर्माना विभाग की ओर से बनाया गया है। ठेकेदार मुकेश बैनीवाल ने छह माह बाद तीन चार सितंबर के आस पास 1891500 रुपये जमा करवा दिए। वहीं जुर्माना राशि माफ करने को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर मांग की है।

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- ठेकेदार मुकेश बैनीवाल और पूर्व अधिकारी ने मिलीभगत कर लाखों रुपये का गबन किया था। इसी मामले में चेयरमैन को पत्र लिखकर अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है।

- डा. एस बागोरिया, आदान एवं संवितरण अधिकारी, पशुधन विकास बोर्ड।

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- मैंने मूल पैसा जमा करवा दिया है। ब्याज माफी को लेकर मैंने उच्चाधिकारियों से अपील की है। मैंने डा.बागोरिया के भ्रष्टाचार को लेकर सीएम ¨वडो में शिकायत दी हुई है। इसी शिकायत को खत्म करवाने के लिए वह दबाव बना रहे हैं। उच्चाधिकारियों की ओर से जुर्माना संबंधी जो निर्णय लिया जाएगा, वह मुझे मान्य होगा।

- मुकेश बैनीवाल, ठेकेदार।

Posted By: Jagran