जेएनएन, बहादुरगढ़। ऑनलाइन ठगी का नया तरीका सामने आया है। ऑनलाइन रेलवे टिकट बुक कर रहे सेवानृवित्त सरकारी कर्मचारी और उनके बेटे का किसी शातिर ने डेटा हैक कर लिया। बाद में डिटेल से कार्ड क्लोङ्क्षनग करके मुम्बई के एटीएम से कैश निकाल लिया। दोनों के खातों से लगभग डेढ़ लाख रुपये उड़ा लिए। एक खाता तो बिल्कुल साफ कर डाला। अब शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

आइआरसीटीसी से रेलवे टिकट कर रहेे थे बुक 

बहादुरगढ़ की अग्रवाल कालोनी के रहने वाले जगदीश प्रसाद सरकारी पद से सेवानिवृत्त हैं और उनके बेटे की आर्टिफिशियल ज्वैलरी की दुकान है। 31 जनवरी को जगदीश प्रसाद आइआरसीटीसी (इंडियन रेलवे केटङ्क्ष

ण्‍रग एंड टूरिज्म कारपोरेशन) से रेलवे टिकट बुक कर रहे थे। उनकी टिकट बुक हो गई थी। बाद में वे रिटर्न के लिए भी टिकट बुक करने लगे। प्रति टिकट की कीमत लगभग 400 रुपये थी। रिटर्न टिकट के समय दिक्कत आ गई। उन्होंने सोचा कि कहीं डेबिट कार्ड में तो समस्या नहीं। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे का डेबिट कार्ड प्रयोग कर लिया, मगर टिकट बुक नहीं हुई। शाम को लगभग चार बजे उन्होंने टिकट बुङ्क्षकग की यह कोशिश की थी। मगर रात को 12 बजे के आसपास दोनों पिता-पुत्र के खातों से कैश निकल गया। जगदीश प्रसाद के खाते से 80 हजार और उनके बेटे के खाते से 69 हजार 500 रुपये निकाले गए। 

 हैक करके न‍िकाले रुपये

 टिकट बुङ्क्षकग के लगभग आठ घंटे बाद उनके खातों से पैसे निकलने शुरू हुए। जगदीश प्रसाद के खाते में 93 हजार रुपये थे। शातिर ने एटीएम कार्ड क्लोङ्क्षनग करके चार बार 20-20 हजार करके पैसे निकाले। इसके लिए आधी रात का वक्त चुना गया। पहले 20-20 करके 40 हजार रुपये 12 बजे से पहले निकाले गए। बाद में 20-20 करके 40 हजार और अगली तारीख में निकाले गए। इसी तरह उनके बेटे के खाते से भी पैसे निकाले गए। जगदीश के खाते में 13 हजार जबकि उनके बेटे के खाते में तो मात्र 150 रुपये ही छोड़े। माना जा रहा है कि टिकट बुङ्क्षकग के दौरान उन्होंने जो डिटेल दर्ज की, उसी को हैक करके कार्ड क्लोङ्क्षनग की गई। संबंधित बैंक से पता चला है कि मुम्बई के एटीएम से दोनों के खातों से कैश निकाला गया। 

मोबाइल में आए मैसेज से पता चला, एक फोन की सिम भी हुई खराब 

 रात को पिता-पुत्र के खाते से पैसे निकाले गए। मगर इसका पता जगदीश प्रसाद के मोबाइल में आए मैसेज से लगा। जगदीश प्रसाद ने बताया कि इस ठगी के बाद उनके बेटे के मोबाइल का तो सिम कार्ड ही खराब हो गया। उसे दूसरा सिम लेना पड़ा। हो सकता है सिम की खराबी के पीछे भी हैकर का ही हाथ हो। यदि मेरे मोबाइल में आए मैसेज से पता न चलता तो खाते में 13 हजार रुपये भी न बचते। इसके बाद पता लगते ही उन्होंने बैंक जाकर खाता फ्रीज करवा दिया।  

पुलिस ने बैंक से मांगी है फुटेज 

 अब पुलिस ने संबंधित बैंक से उस एटीएम की फुटेज मांगी है, जहां से पैसे निकले हैं। मुम्बई में पैसे निकले हैं। ऐसे में वहां से फुटेज मिल पाएगी या नहीं, इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। 

गहराई से की जा रही है छानबीन 

 एसएचओ, लाइनपार थाना अमित कुमार ने कहा क‍ि इस घटना में गहराई से छानबीन की जा रही है। बैंक से एटीएम की फुटेज मांगी गई है, उसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

Posted By: manoj kumar

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