बहादुरगढ़, जेएनएन। हिसार में रविवार को कोविड मरीजों के लिए बनाए गए 500 बेड के अस्‍थाई अस्‍पताल का शुभारंभ करने पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आगमन के दौरान हुई घटना को लेकर आंदोलनकारियों ने सोमवार को टीकरी बॉर्डर पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। पुलिस-प्रशासन और सरकार के विरोध में जमकर नारे लगाए। इससे पहले यहां सभा के दौरान मंच से भी तमाम वक्ता सरकार पर खूब बरसे। पंजाब किसान यूनियन के प्रधान रुलदू सिंह मानसा ने कहा कि इस मसले को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक की जाएगी।

हिसार में जिन किसानों को चोट लगी है और बहादुरी दिखाई उन्हें सम्मानित किया जाएगा। सरकार के साथ हमें समझदारी के साथ टक्कर लेनी है। हमारी लड़ाई पुलिस के साथ नहीं है। उन्होंने आंदोलनकारियों का आह्वान किया कि गांवों में सभी को बॉर्डर पर पहुंचने के लिए सूचित कर दो। हमें लड़ाई भी लड़नी है और देश को अनाज भी देना है। किसानों की एकजुटता से हम यह लड़ाई जीतेंगे। वहीं भाकियू टिकैत के नेता बारुराम ने कहा कि प्रदेश में भाजपा नेताओं का हर जगह बहिष्कार होगा।

वहीं जियालाल ने कहा कि किसान मास्क लगाकर दिल्ली में गए थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उनका चालान काट दिया। वहीं भाकियू घासीराम के नेता जोगेंद्र नैन ने कहा कि किसानों पर लाठी चार्ज की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि वे किसानों के साथ है, लेकिन दिल्ली के मुंडका में किसानों को पकड़ा जा रहा है। हमारे समर्थन में कोई दिल्ली से आता है तो उनको रोका न जाए। पंजाब के किसान नेता बलदेव सिंह ने कहा कि हम आंदोलन को शांतिपूर्वक रखना चाहते हैं। 26 मई को काला दिवस मनाया जाएगा।