जागरण संवाददाता, हिसार : संयुक्त जल संघर्ष समिति के बैनर तले लघु सचिवालय पर जारी अनिश्चितकालीन धरना रविवार को 28वें दिन भी जारी रहा। मांगों पर ध्यान न दिए जाने के विरोध स्वरूप किसानों ने रविवार से क्रमिक अनशन भी शुरू कर दिया। पहले दिन डा. पृथ्वी ¨सह धायल खारिया, रामकुमार पिलानिया सरसाना, केदारनाथ भिवानी रोहिल्ला व मास्टर जिले ¨सह बैनीवाल शाहपुर अनशन पर बैठ गए। धरने की अध्यक्षता बलवंत नंबरदार कंवारी व गुलाब झाझड़िया रावलवास खुर्द ने की।

धरने को संबोधित करते हुए प्रधान कुरड़ाराम नंबरदार ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर छींटाकसी करने की बजाए किसानों की पानी समस्या पर उनकी मदद करे और सरकार पर दबाव बनाए। सरकार ही किसानों की समस्या के लिए दोषी है, क्योंकि तीन वर्ष पहले किसानों की दो सप्ताह नहरी पानी का हक अप्रेल 2015 तक देने का वादा सरकार ने किया था और आंदोलन समाप्त करवा दिया था। जबकि साढे़ तीन साल बाद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। किसान आज उसी जगह पर है, जहां से किसानों का आंदोलन समाप्त किया था। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने किसानों के दो सप्ताह पानी के हक को समय सीमा में हल नहीं किया, तो बीजेपी नेताओं को गांवों में प्रवेश करने के भी लाले पड़ जाएंगे। इस मौके पर मास्टर सतबीर गढवाल, वीरेंद्र पूनिया, सतबीर झाझड़िया, रामवीर न्योली, बलवान रोहिल, भाल ¨सह, नरेंद्र पचार, रामस्वरूप प्रधान, मुख्त्यार धीरणवास, पीरूराम बालसमंद, सुशील श्योराण, इंद्र ¨सह पूर्व सरपंच, सत्यवान, लीलाराम, राजकुमार, टेकचंद धायल, कृष्ण बैनीवाल, सरजीत शाहपुर, फूल ¨सह बामल, उमेद ¨सह बैनीवाल पनिहार, पृथ्वी ¨सह पनिहार, मंगतु बैनीवाल, सतबीर कादयान, इंद्र ¨सह कादयान, रतन ¨सह पचार, मा. बीरबल, रामकुमार ढाका सुंडावास, ओमप्रकाश भेरियां, जगमाल पंघाल आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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