भिवानी, जेएनएन। भिवानी के गांव लोहानी में किसान गजानंद के खेत में दो एकड़ में रखी लाखों रुपये की बाजरे की पूलियां आग लगने से जल कर राख हो गई। किसान ने करीब 500 एकड़ जमीन की पूलियां खरीद कर अपने खेत में एकत्रित कर रखी थी। दमकल की तीन गाडिय़ों और दर्जनों ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे में आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण पता नहीं चल सका। खेत में जहां पूलियां लगी थी वहां आस पास बिजली की लाइन भी नहीं बताई जा रही। इसलिए ग्रामीणों में हैरानी थी कि आग अचानक कैसे लग गई।

11 बजे से सायं 4 बजे तक तीन दमकल लगी थी

ग्रामीणों के अनुसार सुबह 11 बजे के लगभग बाजरे की पूलियों में आग लगी थी। करीब एक घंटे के बाद दमकल गाड़ी भिवानी से पहुंची। उस समय तक ज्यादातर पूलियां जल चुकी थी। शाम चार बजे तक तीन दमकल गाडिय़ां तीन बार खाली हो चुकी थी लेकिन आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका था। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ही बने कुएं से दमकल गाडिय़ों को पानी से भरा जा रहा था। गांव वाले भी आग पर काबू पाने के लिए लगे थे।

गांव की जेसीबी भी आग पर काबू पाने के लिए लगाई थी

ग्रामीणों ने बताया कि गांव वालों के साथ जेसीबी भी पूलियों के लगे ढेर को अलग कर आग पर कंट्रोल करने के लिए लगातार लगी थी। लेकिन यह सब होने के बाद भी आग कंट्रोल नहीं हो पा रही थी।

हवा के चलते आग ने पकड़ी तेजी और जल गई पूली

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि हवा चलने के चलते आग तेजी से फैलती चली गई और करीब दो एकड़ में रखी पूलियां आग में स्वाह हो गई। आग से किसान गजानंद को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

घर से मात्र 600 मीटर दूर लगा रखी थी पूलियां

किसान गजानंद के बेटे साहिल ने बताया कि उनके घर से करीब 600 मीटर दूर बाजरे की पूलियों के छोर लगा रखे थे। हमारी गांव के बस अड्डे पर मिठाई की दुकान है। मेरा भाई और पापा दुकान पर थे। मुझे एक राहगीर  ने बताया कि तुम्हारे खेत में आग लगी है। मैंने तुरंत आग की सूचना परिवार के सदस्यों, ग्रामीणों और दमकल विभाग को दी। गांव वाले मौके पर पहुंच गए थे लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। दमकल गाडिय़ां करीब एक घंटे बाद पहुंची। आग पर चार बजे तक काबू नहीं पाया सका था। दमकल गाडिय़ां और हम ग्रामीणों के साथ आग पर काबू पाने के लिए लगे हुए हैं।

किसान बोले पीडि़त को मुआवजा दिया जाए

ग्रामीण जितेंद्र, हवाङ्क्षसह, अनिल कुमार, महावीर, परमाल, प्रताप, नरेश, संदेश, मनेाज, मानू, प्रीतम, सुरेंद्र, अमित, नरेंद्र आदि ने बताया कि किसान गजानंद को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। वह पूलियां खरीद कर बिक्री करता है। उसकी मेहनत पर आग ने पानी फेर दिया। प्रशासन को चाहिए कि पीडि़त किसान को उचित मुआवजा दिया जाए।

गांव में किसान गजानंद के खेत में रखी बाजरे की पूलियों में आग लगने की सूचना मिलते ही मैं मौके पर पहुंच गया था। ग्रामीणों ने भी आग पर काबू पाने का भरसक प्रयास किया। दमकल की गाडिय़ां भी साढ़े तीन बजे के बाद तक लगी हुई थी। साढे तीन बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका था। पीडि़त किसान को हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन मदद करे।

अशोक कुमार, सरपंच प्रतिनिधि, गांव लोहानी।

 

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