संवाद सूत्र, बेरी(झज्जर)। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि शहीदों के बलिदान व्यर्थ नहीं जाते । यह हमारे और हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। हमारे सैंकड़ों आंदोलनकारियों ने धरना स्थल पर अपने जीवन का बलिदान दिया।

उन्होंने कहा कि हम सब का नैतिक दायित्व बनता है कि धरना स्थल पर जितने भी किसानों ने अपने प्राणों की आहुति दी हैं, उन सब की ऐसे ही प्रतिमा बनाकर मान सम्मान करना चाहिए। वे क्षेत्र के गांव दुबलधन में किसान आंदोलन में शहीद हुए राजपाल कादयान की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे थे।

किसान आंदोलन में निभाई थी अहम भूमिका

इस अवसर पर अध्यक्ष नरेश टिकैत ने बताया कि राजपाल किसान आंदोलन में अपनी सक्रिय भागीदारी रखते थे। 80 वर्ष की उम्र होने पर भी उसके अंदर एक युवा की तरह जोश और अपना मुकाम हासिल करने का जज्बा था। 378 दिन तक किसान आंदोलन चला। लेकिन, कड़ाके की ठंड अत्याधिक गर्मी और बरसात के दिनों में विभिन्न कठिनाइयों से सामना करते हुए वह हमेशा अपने जज्बे के साथ धरना स्थल पर बैठे रहे।

सुमन हुड्डा ने कहा कि सत्तारूढ़ सरकार ने हमेशा ही हमारे भाई-चारे और ताने-बाने का विनाश करने का काम किया है । पिछले दिनों किसानों के ऊपर तीन कानून थोपना चाहती थी। अब युवाओं के साथ अग्निपथ जैसी योजना लगाकर हमें बर्बादी की तरफ धकेलना चाहती है। हमें फिर एकजुट होकर हमें अपने युवा पीढ़ी के आत्मसम्मान की रक्षा करनी होगी। ममता कादयान ने कहा कि किसान और जवान के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाली सरकार का महिलाओं ने विरोध किया और आगे भी करती रहेंगी।

अग्निपथ योजना को वापिस लेना ही पड़ेगा

सरकार को अग्निपथ योजना को भी वापस लेना ही पड़ेगा, इस अवसर पर मंच संचालन श्री ब्रह्मानंद एवं अनिल कादयान ने किया। विभिन्न खापों से आए प्रतिनिधियों का कादयान खाप की तरफ से पगड़ी बांधकर उनका हार्दिक स्वागत किया गया। सभी अतिथि, खापों के प्रधान, शहीद राजपाल के परिवार से मिले और शहीद की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए बुलाने पर उनका आभार प्रकट किया।

ये लोग रहे मौजूद

इस मौके पर मुख्य रूप से भारतीय किसान यूनियन से नरेश टिकैत , डिंपी पहलवान, सुमन हुड्डा ,कादियान खाप के प्रधान बिल्लू पहलवान, ममता कादयान ,रवि आजाद, दलीप सिंह ,वीरेंद्र डागर, अभिमन्यु सहित विभिन्न यूनियन, संगठन कार्यकर्ता सहित खापों के प्रतिनिधि पहुंचे थे। उपस्थित सभी ने राजपाल की प्रतिमा को नमन करते हुए शहीद राजपाल अमर रहे के नारे लगाए।

Edited By: Rajesh Kumar