जागरण संवाददाता,झज्जर : खरीफ फसलों के बाद अब रबी फसलों की बिजाई का समय शुरू हो गया है। किसान अच्छी पैदावार के लिए अपने खेतों को अच्छे से तैयार करें। अच्छे से तैयार किए गए खेत में ही फसलें भी अच्छी होती है। जिससे पैदावार अच्छी होगी और मुनाफा भी होगा। इसके लिए विशेषज्ञ भी किसानों को अपने खेत अच्छे से तैयार करने की बात कर रहे हैं। अब मौसम खराब होने के कारण सरसों की बिजाई पर ब्रेक लग गया। लेकिन, किसान मौसम साफ होने के बाद सरसों की बिजाई कर सकते हैं। फिलहाल बरसात की संभावना है, ऐसे में अगर किसान सरसों की बिजाई करते हैं और ऊपर से बरसात हो जाती है तो उससे सरसों की फसल उगने में दिक्कत होगी। इसलिए मौसम साफ होते ही बिजाई की जा सकती है।

बरसात के चलते मौसम में भी ठंडक घुल गई है। जो कि सरसों बिजाई के लिए उचित है। ऐसे मौसम में सरसों की बिजाई ठीक ढंग से की जा सकती है। अगर मौसम अधिक गर्म होता तो सरसों की बिजाई करने में दिक्कत हो सकती थी। किसानों को अच्छी पैदावार के लिए समय से बिजाई करना भी जरूरी है। देरी से बिजाई करने पर फसलें अच्छे ढंग से नहीं पनपती। साथ ही पैदावार भी प्रभावित होती है। इसको ध्यान में रखते हुए किसानों को उचित गुणवत्ता के बीजों का प्रयोग करते हुए सरसों की बिजाई करनी चाहिए। लगभग किसानों ने सरसों बिजाई के लिए पहले से ही खेतों को तैयार कर रखा होगा। ताकि अब वे सरसों की बिजाई कर सके। लेकिन जिन किसानों ने खेत को तैयार नहीं किया हुआ वे भी जल्दी से जल्दी तैयार कर लें।

किसान अपने खेत में खरपतवार को ना रहने दे। सभी खरपतवार को नष्ट कर दें। जिससे कि सरसों की फसल में खरपतवार काफी कम रहे। अगर पहले ही खेत में खरपतवार होगी तो फसल बिजाई के बाद भी उसका असर दिखेगा। अच्छे से तैयार खेत में समय से बिजाई की गई फसल ही अच्छी पैदावार देती है। पिछले वर्ष की बात करें तो जिले में लगभग 101651 हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई हुई थी। वहीं 30796 हेक्टेयर में सरसों की बिजाई हुई थी। जिले में रबी सीजन के दौरान गेहूं के बाद सबसे अधिक फसल सरसों की बिजाई की जाती है। इसलिए किसानों को सरसों बिजाई भी ठीक ढंग से करनी चाहिए। वहीं पिछले वर्ष चने की 157 हेक्टेयर में, बरसात की 1676 हेक्टेयर में, जई की 1772 हेक्टेयर में, जौ की 1984 हेक्टेयर में बिजाई की गई थी।

-डीडीए इंद्र सिंह ने बताया कि सरसों की बिजाई करने से पहले किसान अपने खेतों को अच्छे से तैयार करें। खेत में खरपतवार नहीं होनी चाहिए। साथ ही सरसों की समय से बिजाई करना ही उचित है। किसानों को सरसों की बिजाई के दौरान उचित गुणवत्ता के बीजों का प्रयोग करना चाहिए।

Edited By: Manoj Kumar