महेंद्र सिंह मेहरा, सिरसा। सिरसा जिला मुख्यालय से 28 किमी की दूरी पर गांव जमाल ऐलनाबाद हलके का सबसे बड़ा गांव है। यहां 1900 घर, साढ़े 13 हजार की आबादी और 7200 वोट हैं। यह हलके का चर्चित गांव है जो चुनाव परिणाम को बदलने की ताकत रखता है लेकिन चुनाव घोषित होने के बावजूद अभी यहां ग्रामीण पूरी तरह चुनावी माहौल में नहीं ढले हैं इसकी वजह खेतों में चल रही कटाई है। ज्यादातर लोग खेतों में सुबह ही निकल जाते हैं और देर शाम को घर लौटते हैं। उन्हें वोट से ज्यादा चिंता खेत में खड़ी फसल की है लेकिन गांव के चौक-चौराहों में चर्चाएं यदि होती है तो फिर प्रत्याशियों व पार्टी पर बातचीत का लंबा दौर भी चलता है।

कब किसी ओर उलटफेर हो जाए अभी कुछ नहीं कहा जा सकता

गांव के चौक में ग्रामीण ताश खेल रहे बुजुर्ग व्यक्ति नंदराम ने कहा कि चुनाव जोर पकड़ने लगा है। अब तो दिनभर वाहन दौड़ रहे हैं। बाद में कोई किसी को नहीं पूछता। दुकानदार महेंद्र सिंह ने कहा कि अब तो आएंगे ही वरना फिर कब आएंगे। एक अन्य ग्रामीण हरि सिंह पूछने पर बताते हैं कि यहां तो मुकाबला चल रहा है। कब किसी ओर उलटफेर हो जाए अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

गांव की समस्या खुलकर बता रहे ग्रामीण

इस गांव में चुनाव प्रचार के लिए नेता पहुंच रहे हैं। ग्रामीण उन्हें पीने के पानी की समस्या से अवगत कराते हैं और यह भी कहते हैं कि इसका समाधान कर दो वर्षों से यह समस्या है। इसके अलावा घग्घर नदी का पानी उनके गांव को भी मिले जैसी मांगें अब उठाई जाने लगी हैं। ग्रामीणों की मानें तो घग्घर नदी का पानी राजस्थान के रास्ते पाकिस्तान तो जा सकता है पर उन्हें नहीं मिल सकता इसका किसी के पास जवाब नहीं। सुभाष व देवीलाल ने कहा कि विधायक कोई भी बने गांव में विवाद पैदा न हो और जो समस्याएं हैं उनका समाधान होना चाहिए। वे भी पीने के पानी को बड़ी समस्या मानते हैं। उनका कहना है कि टेल पर गांव पड़ता है इसलिए पानी की समस्या है। उन्होंने कहा कि अभी तो चुनाव जोर पकड़ेगा, किसान खेतों में लगा हुआ है।

Edited By: Naveen Dalal