जागरण संवाददाता, रोहतक : आंखें हमारे चेहरे का आकर्षण हाेती हैं। आंखों की खूबसूरती पर कवियों-शायरों ने रचनाएं लिखी हैं। आज की बदलती लाइफस्टाइल में आंखों में न तो वह चमक रही न ही खूबसूरती। आज के इस भागदौड़ भरे जीवन में तनाव, काम का बोझ, प्रदूषण व बढ़ता स्क्रीन टाइम आंखों की खूबसूरती व रोशनी दोनों को गहरा प्रभाव डाल रहा है। ऐसे में लोगों में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। वे अपने व्यस्यता वाले समय में फिटनेस के लिए कसरत, योगा व डाइटिंग जैसे हथकंडे अपना रहे हैं पर कहीं न कहीं अपनी आंखों के लिए सावधानी नहीं बरत रहें है। गर्मी के मौसम में तेज चिलचिलाती धूप सीधा आंखों पर प्रभाव डाल रही है। इसके लिए शहर के फिटनेस एक्सपर्ट ने आई योगा का कॉन्सेप्ट निकाला है। इस कॉन्सेप्ट में आंखों को लाभ पहुंचाने के लिए आई योगा करा रहें है। आंखों के काले घेरे, झुर्रियों व कम होती रोशनी से मुक्ति मिल सकती है।

क्या है आई योगा

योगा एक्सपर्ट जगबीर सिंह आर्या ने बताया कि इस समय में बच्चों से लेकर युवाओं, वृद्धों की आंखों में स्क्रीन टाइम समस्या बढ़ रही है। आंखों में जलन, आंखों से पानी आना, खुजली होना जैसी परेशानी हो रही है। ऐसे में लोगों को इस पर ध्यान देने की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ रही है। पहले लोग विशेषज्ञों की सलाह पर अधिक समस्या होने की स्थिति में एक दो आंखों से संबंधित योगा कर लेते थे, लेकिन अब आई योगा एक्सप‌र्ट्स रुटीन में आई योगा को शामिल कर रहे हैं। आई योगा को आप अपने योगा में हाथों की उंगलियों को अपने कंधों से थोड़ा ऊपर रखते हुए प्रथम उंगली को नाक के उपर से नीचे की ओर लाएं। ऐसा करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है और आंखों के आसपास की मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन व से डार्क सर्कल दूर होते हैं। मांसपेशियों को मजबूत व एक्टिव करने का काम करता है। ऐसे में दिमाग भी मजबूत होता है और एकाग्रता बढ़ती है। इस तरह का योगा मेडिटेशन का हिस्सा भी है। इससे मानसिक सुकून बढ़ता है। आंखों से जुड़े ब्रेन के विशेष हिस्से पर प्रभाव पड़ता है, जिसे ब्रेन का मुख्य हाइवे कहा जा सकता है।

ऐसे करें आई योगा :::

पाल्मिंग : इसमें आंखों पर अपनी हथेलियों पर कुछ देर तक रखना होता है।

ब्लिंकिंग : इसमें लगातार कुछ समय के लिए पलकों को झपकाना होता है।

फोकसिंग : आंखों की पुतलियों को किनारों तक ले जाकर फोकस करना होता है।

रोटेशन : आंखों की पुतलियों को कुछ समय के लिए घुमाना होता है।

अपडाउन : आंखों की पुतलियों को ऊपर व नीचे लगातार कुछ समय के लिए करना होता है।

 

Edited By: Manoj Kumar