जेएनएन, हिसार : शहर की एक हेडकांस्टेबल द्वारा डीएसपी के रीडर राजेश श्योराण पर छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट का केस दर्ज कराने का मामला और पेचीदा हो गया है। महिला थाने में सोमवार शाम को शिकायतकर्ता हेडकांस्टेबल और नामजद की पत्नी में जोरदार बहस के बाद जमकर हंगामा हुआ था। हेडकांस्टेबल स्कूटी वहीं छोड़कर आनन-फानन में थाने से निकल गई थी। बाद में परिजनों ने उसे कीटनाशक के प्रभाव के चलते शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया। वहीं सिटी थाना पुलिस ने इससे पहले सोमवार को हेडकांस्टेबल पर रीडर से मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था। हेडकांस्टेबल का ट्रांसफर सोमवार को पुलिस लाइन में कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार एक हेडकांस्टेबल ने सिविल लाइन थाने में शिकायत देकर कहा था कि मैंने 25 अगस्त को छेड़छाड़ का एक केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वह केस संबंधी कागजात (जिमनी) लेने के लिए डीएसपी के रीडर राजेश श्योराण के पास कई दिनों से चक्कर काट रही थी। आरोप है कि रीडर ने काफी चक्कर कटवाकर उसे अपशब्द कहे। सिविल लाइन पुलिस ने रविवार को रीडर पर छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। सूत्रों के अनुसार सोमवार शाम को महिला थाने में शिकायतकर्ता हेडकांस्टेबल काम कर रही थीं। तभी नामजद राजेश की पत्नी और हेडकांस्टेबल में जोरदार बहस होने के बाद हंगामा हो गया। हंगामा काफी देर चला। इस बीच हेडकांस्टेबल वहां से आनन-फानन में निकल गईं। वह घर पहुंचीं। बाद में परिजनों ने उसे कीटनाशक के प्रभाव के कारण शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं, इस संबंध में महिला थाना प्रभारी सुनीता देवी का कहना है कि वह दोनों के बीच हुई बहस के दौरान थाने से बाहर थी। वह हेडकांस्टेबल के जाने के बाद थाने में आई थी।

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