जागरण संवाददाता, हिसार। सिविल अस्पताल में नशा रोगियों के लिए और मानसिक रोगियों के लिए दवाएं मिलनी दोबारा शुरु हो गई है। यहां पिछले करीब ढ़ाई महीने से दवाएं नहीं मिल रही थी। जिसके कारण नशा रोगियों को दवाओं के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद दवाएं नहीं मिल पा रही थी। इस बीच कई बार दवाओं के लिए मुख्यालय को डिमांड भेजी गई, लेकिन दवाएं उपलब्ध नहीं हो पाई।

हिसार के अलावा अन्य जिलों में भी दवाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई थी। जिसके चलते नशा रोगियों का उपचार भी नहीं हो पा रहा था। नशा रोगियों के लिए ऐसे में सिविल अस्पताल में ही मानसिक रोग विभाग के मरीजों को दी जाने वाली दवाओं का प्रयोग किया जाने लगा था। लेकिन यह दवाएं लेने सभी नशा रोगी नहीं आते थे, कुछेक मरीजों ने यहां से दवा लेकर अपना उपचार करवाया था। लेकिन इस बीच यहां भी दवाओं की कमी के कारण मरीजों का उपचार बीच में ही छूट गया था।

ओएसटी सेंटर में 200 से अधिक मरीज रजिस्टर्ड 

अब दवाएं मुख्यालय से भेजने के बाद यहां पर दोबारा से मरीजों को नियमित रूप से सेंटर में बुलाकर दवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। गौरतलब है कि ओएसटी सेंटर में 200 से अधिक मरीज रजिस्टर्ड है, जिन्हें सेंटर में प्रतिदिन बुलाकर चिकित्सक के सामने ही दवा का सेवन करवाया जाता है ताकि नशा राेगी दवाएं लेने में किसी तरह की कोताही न बरतें।

600 नशा रोगी यहां दवा लेने आ चुके है

गौरतलब है कि सिविल अस्पताल में नशा रोगियों के लिए ओएसटी सेंटर की स्थापना की गई थी। यहां पर काउंसलर की भी सुविधा दी गई थी। लेकिन काउंसलर को यहां से हटाया जा चुका है। जिसके चलते अब नशा रोगियों की काउंसलिंग भी नहीं हो पा रही है। शुरुआत में सेंटर में कार्यरत रहे काउंसलर ने शहर से ढूंढकर यहां रोगियों को उपचार के लिए जागरुक किया था। जिसके बाद से करीब 600 नशा रोगी यहां दवा लेने आ चुके है। इनमें से फिलहाल 200 मरीज फिलहाल दवा ले रहे है।

Edited By: Naveen Dalal