रोहतक, जेएनएन। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) परिसर में बृहस्पतिवार को ड्रोन जैसे एक उपकरण उड़ाते युवक को सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ा। करीब 24 वर्षीय आरोपित युवक को विवि के ही एक प्रोफेसर का नजदीकी बताया जा रहा है। दोपहर तीन बजे युवक को काबू किया गया था। हालांकि, रात आठ बजे एमडीयू की तरफ से पुलिस में शिकायत की गई। जिला उपायुक्त आरएस वर्मा ने मामले में संज्ञान लेते हुए ड्रोन उड़ाने पर दो महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।

सुरक्षा इंचार्ज बलराज बल्लू ने बताया कि पकड़े गए युवक के पिता को विवि में बुलाया गया। उनसे लिखित में सफाई ली गई है। पिता ने लिखा की बेटे का विवि में पहला दिन था, अनजाने में उडऩे वाला खिलौना उड़ा रहा था। आरोपित प्रोफेसर का रिश्तेदार पाए जाने पर अधिकारी कुछ कहने से भी बच रहे हैं। मामले का पता चलने पर एमडीयू सचिवालय स्थित सुरक्षा इंचार्ज के कार्यालय के बाहर विद्यार्थी एकत्र हो गए। उनका कहना रहा कि विवि प्रशासन इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। छात्रा किरन, मोनिका, ज्योति, रोशनी ने कहा कि सुरक्षा इंचार्ज बयान बदल रहे हैं। जिससे आरोपित को बचाने का शक बन रहा है। वहीं, आरोपित के रिश्तेदार प्रोफेसर भी सचिवालय में मौजूद रहे। 

छह घंटे तक दबाए रखा मामला

सुरक्षाकर्मियों के द्वारा आरोपित को पकड़े जाने के बावजूद करीब छह घंटे तक पुलिस में शिकायत नहीं देने पर सवाल उठ रहे हैं। आरोपित के पिता को बुलाया गया व लिखित में सफाई लेकर छोड़ दिया गया। घटना के परिसर में मीडिया और विद्यार्थियों में फैलने के बाद रात करीब आठ बजे पीजीआइ थाना में सुरक्षाकर्मी लिखित शिकायत लेकर पहुंचे।

सुरक्षा इंचार्ज बदलते रहे बयान

सुरक्षा इंचार्ज बलराज बार-बार इस मामले में बयान बदलते रहे। आरोपित के बारे में पूछने पर पहले बोले की पुलिस को सूचना दे दी गई है। बाद में इंटर्नल इंक्वायरी का हवाला देते हुए अपने ही बयान से मुकर गए। संदिग्ध वस्तु को उडऩे वाला खिलौना करार दे दिया।

अगस्त माह में दिखे थे गर्ल्‍स हॉस्टल के ऊपर ड्रोन

एमडीयू में गत वर्ष 22 और 23 अगस्त की रात को हॉस्टल की छत पर छात्राओं ने ड्रोन मंडराने की शिकायत की थी। एमडीयू प्रशासन ने इसे छात्राओं का वहम बताया था। हालांकि, छात्राओं के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस में शिकायत दी गई। एक आंतरिक जांच कमेटी का गठन भी किया गया। 24 अगस्त को संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त आरएस वर्मा ने ड्रोन उड़ाने पर धारा 144 लगा दी थी।

---एमडीयू में ड्रोन उड़ाने की जानकारी हुई तो हमने मामला का संज्ञान लिया था और ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया था। नियमों के हिसाब से दो माह के लिए यह प्रतिबंध रहता है। हमने एक बार फिर से तत्काल प्रभाव से ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। वैसे तो यह विश्वविद्यालय और पुलिस की जांच का विषय है। लेकिन मैं तो यही कहूंगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन क्या इतना उदासीन है कि यहां बार-बार इस तरह के प्रकरण सामने आ रहे हैं। इस ङ्क्षबदु पर गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

आरएस वर्मा, जिला उपायुक्त

----इस मामले में पुलिस में शिकायत की गई है। जांच के बाद सच्चाई का पता चलेगा।

  --गुलशन लाल तनेजा, एमडीयू के कुलसचिव।

---इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जरूरत है। दोषी पाए जाने पर आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

- दीपक मलिक, उपाध्यक्ष इनसो।

----एमडीयू के सुरक्षा इंचार्ज ने परिसर में संदिग्ध वस्तु उड़ाने के मामले में एक युवक के खिलाफ शिकायत की है। इस मामले में कानूनी सलाह ली जा रही है। जांच के बाद ही कहा जा सकता है।

- इंस्पेक्टर नायब सिंह, थाना प्रभारी पीजीआइ।

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