सिरसा, जेएनएन। सिरसा में बरनाला रोड स्थित एमआइटीसी कॉलोनी में स्थित 'फिरदौस' भवन हरियाली व शुद्ध ताजा हवा से परिपूर्ण है। भवन के मालिक शिक्षाविद डा. केके डूडी के प्रयासों से घर में तरह तरह के पेड़ पौधे लहलहा रहे हैं। घर में दाखिल होते ही लगता है कि मानों किसी बगीचे में आ गए हों।

डा. केके डूडी का कहना है कि सुबह-सुबह हरियाली के दर्शन होने के साथ-साथ पूरे घर के अंदर शुद्ध हवा  प्राप्त होती है। पेड़- पौधों के कारण परिवार के सभी  सदस्यों की इम्युनिटी भी बेहतर है और घर का माहौल खुशनुमा बना रहता है।  डा.केके डूडी ने बताया कि उनके घर में अमरूद, आलू बुखारा, नींबू ,कीनू इत्यादि फलदार पौधें है।

उनके अलावा गुलमोहर, हार -सिंगार ,रामा तुलसी, श्यामा तुलसी, एरोकेरिया ,एलोवेरा, सदाबहार, रात की रानी, गूगल बेल, चंपा, पाम बेलपत्र, चमेली, गुडहल, गुलदाउदी, मरवा, बिच्छू बूटी, अशोका, मनी प्लांट के अलावा अनेक औषधीयगुणों से युक्त पौधे लगा रखे हैं । सभी पौधे ऑक्सीजन का स्रोत हैं । पौधों से घर में हरियाली के साथ साथ दिन के समय पक्षियों की चहचहाहट रहती है।

डा. केके डूडी ने बताया कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण में रूचि सरकारी सेवा काल के शुरू से ही शुरू की। जहां भी उन्होंने सेवाएं दी है, उस महाविद्यालय में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम करते रहे हैं। वर्तमान में राजकीय महिला महाविद्यालय में भी उन्हें अक्सर छुट्टी वाले दिन या चाहे लॉकडाउन का काल हो पेड़ पौधों की देखभाल करते देखा जा सकता है।

वे कहते हैं कि पेड़ पौधे की देखभाल करने से उन्हें अलग ही आनंद की अनुभूति होती है।  शरीर को ऑक्सीजन के साथ साथ स्फूर्ति व ऊर्जा मिलती है। उनका कहना है कि हर इंसान को अपने घर में थोड़ी जगह अवश्य रखनी चाहिए और गमलों में व जमीन में पौधारोपण अवश्य करना चाहिए।