जागरण संवाददाता, रोहतक : सिरसा जिले के फ्लवार मैन कहे जाने वाले डा. रामजी जयमल के जीवन पर आधारित डाक्युमेंट्री फिल्म को देश-विदेश में सरहाना मिल रही है। रोहतक निवासी फिल्म निर्माता नकुल देव ने इसका निर्देशन किया है। इस डाक्युमेंट्री को अभी तक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 50 से अधिक अवार्ड मिल चुके हैं। स्वच्छता और पर्यावरण का संदेश देती इस फिल्म को प्रदेश की पहली डाक्युमेंट्री फिल्म भी माना जा रहा है।

निर्माता-निर्देशक नकुल देव ने बताया कि फिल्म का संदेश आमजन को प्रेरित करने वाला है। 13 वर्ष पहले फ्लावर मैन डा. रामजी जयमल के गांव के सरकारी स्कूल के आस-पास फैली गंदगी को हटाने की सोची। तब स्कूल से मुश्किल से 20 फीट दूर लगे गंदगी के ढेर के कारण बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे। डा. रामजी ने दोस्तों के साथ समाज सुधार का बीड़ा उठाया और कचरे को हटाया। पास से गुजरती सड़क के आस-पास फूलों के पौधे लगाकर वातावरण को खुशबूदार बनाया। इस दौरान उन्हें कई मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन हार नहीं मानी। उनकी शुरुआत एक बड़े मिशन में तब्दील हो चुकी है। उनके मिशन को ही डाक्युमेंट्री में विजुअल के माध्यम से दिखाया गया है।

17 वर्षाें से फिल्म मेकिंग में है नकुल

नकुल देव एक पेशेवर फिल्म निर्माता-निर्देशक हैं। वह 17 वर्षाें से फिल्म मेकिंग की दुनिया में हैं। सामाजिक मुद्दों पर फिल्में बनाते हैं। वह नक्सलवादियों पर नक्सलाइट आफ छत्तीसगढ़, कश्मीरी युवती के जीवन पर आधारित फिल्म आशमा, आतंकवाद पर आधारित अखनुर सहित विभिन्न विषयों पर चर्चित फिल्म बना चुके हैं। उनकी फिल्म बल्यू माउंटेन को वर्ष 2017 का एशिया की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का गोल्डन एलीफेंट खिताब मिल चुका है।

डाक्युमेंट्री को अब तक यह अवार्ड मिले

नकुल देव की बिफोर आई डाई डाक्युमेंट्री को गोल्डन ज्यूरी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, रिटर्न इंटरनेशनल आर्ट फिल्म फेस्टिवल जर्मनी, न्यूयार्क सिनेमेटोग्राफर अवार्ड अमेरिका, मिलान गोल्ड अवार्ड अमेरिका, उरुवति अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल, क्राउन वुड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, अप्रोडाई फिल्म अवार्ड न्यूयार्क, गोना इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, टैगोर इंटरनेशनल अवार्ड, इंटरनेशनल शार्ट फिल्म अवार्ड, वर्ल्ड फिल्म कार्निवाल सिंगापुर अवार्ड, बोडन इंटरनेशनल अवार्ड, माइंडफील्ड फिल्म फेस्टिवल अवार्ड मिल चुके हैं।

24 मिनट की डाक्युमेंटी बनाने में लगे तीन वर्ष

महज 24 मिनट की डाक्यूमेंट्री फिल्म बिफोर आई डाई को पूरा करने में करीब तीन वर्ष का समय लगा। नकुल बताते हैं कि फिल्म का कार्य बेहद बारीकी से किया गया, इसके लिए पौधे लगाने से लेकर उसके खिलने तक इंतजार करना पड़ा। साथ ही उसका इफेक्ट दर्शाने के लिए भी जमीनी स्तर पर कार्य करना पड़ा। नकुल देव का मानना है कि प्रदेश में एक फिल्म सिटी की जरूरत है। हरियाणा में वो तमाम सुविधाएं व विकल्प मौजूद हैं, जो किसी भी फिल्म सिटी की सफलता के लिए जरुरी होते हैं।

Edited By: Manoj Kumar