जागरण संवाददाता, रोहतक: लग्जरी गाड़ियों के साथ जिस डायल 112 की शुरुआत इस उम्मीद से की गई थी कि अब हर आदमी को सुरक्षा का अहसास करवाया जाएगा। इतना ही नहीं दावा किया गया था कि सूचना के दस मिनट में पुलिस पहुंच जाएगी। लेकिन हो ये रहा है कि डायल 112 की गाड़ियों को लावारिस देख कंट्रोल रूम को सूचना पड़ रही है। ऐसे में डायल 112 से सुरक्षा की कितनी उम्मीद की जा सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

हुआ यूं कि अधिवक्ता प्रदीप मलिक रविवार सुबह अपने कुत्ते के साथ हुड्डा काम्पलेक्स में सैर कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक दुकान के बाहर बरामदे में डायल 112 की गाड़ी खड़ी थी। आसपास कोई स्टाफ सदस्य भी नहीं दिखाई दिया। कुछ देर इंतजार के बाद उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचित किया। जब उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचित किया तो वहां के स्टाफ ने उन्हें नजदीकी थाना में सूचना देने के लिए कहा। लेकिन उन्होंने कहा कि वे कहीं सूचना नहीं देंगे, उन्होंने अपना काम पूरा कर दिया।

उसके कुछ समय बाद उनके पास मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि आपके पास डायल 112 पहुंच रही है। हैरत की बात यह है कि जिस गाड़ी का नंबर वहां मदद के लिए पहुंचने का दिया गया था, वो लावारिस मिली गाड़ी का ही था। इसी दौरान एक दुकान का शटर उठा और तीन पुलिसकर्मी उसमें से निकले। जो जल्दी से गाड़ी के पास पहंचे और वहां से चले गए।

-इंटरनेट मीडिया पर बयां किया किस्सा

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप मलिक ने अपने साथ रविवार सुबह घटित हुआ पूरा किस्सा फेसबुक पर बयां किया है। पोस्ट को तीन लोग शेयर, 31 लोग कमेंट और 119 लोग लाइक कर चुके हैं। वहीं एक अन्य अधिवक्ता ने कमेंट में कहा है कि वो इस घटना को डीजीपी व गृहमंत्री को भेज रहे हैं।

Edited By: Manoj Kumar