बहादुरगढ़, जेएनएन। ट्रैक्टर परेड की हिंसा के बाद टीकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। यहां पर इंटरनेट सेवाएं मंगलवार रात से ही बंद हैं। अब यहां पर दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की ज्यादा संख्या में तैनाती कर दी है। दोनों तरफ से बैरिकेडिंग दोबारा हो गई है। दिल्ली पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग को अब और मजबूत किया जा रहा है। दिल्ली में फंसे ट्रैक्टर रात को ही लौट आए थे। आंदोलन स्थल पर 26 नवंबर को आए ट्रैक्टर-ट्राली यही ज्यों के त्यों के खड़े हैं।

ये ट्रैक्टर ट्राली परेड में शामिल नहीं हुए थे। उधर, आंदोलन में इस तरह की घटनाएं ना हो और आगे की रणनीति बनाने के लिए सिंघु बॉर्डर पर आज किसानों की बैठक होगी। कुछ देर में टीकरी बॉर्डर पर किसानों की ओर से सभा भी शुरू होगी। बैठक और सभा में पहले तो ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसक घटनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।

फिर किसानों की ओर से एक फरवरी को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर निर्णय लिया जाएगा। किसान नेता परगट सिंह का कहना है कि वे संसद मार्च जरूर निकालेंगे। संसद मार्च के दौरान इस तरह की हिंसक घटना से बचने के लिए किसी उपाय या रणनीति के सवाल पर उन्होंने बताया कि आज की बैठक में इसी विषय को लेकर मंथन होगा। वे ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।

आंदोलन स्थल पर हालात सामान्य, मगर किसानों की जुबां पर हिंसक घटना का जिक्र

उधर, ट्रैक्टर परेड के बाद आंदोलन स्थल पर अब सब कुछ सामान्य है। हालांकि सभी किसानों में इस घटना को लेकर चर्चा है। किसानों ने दिल्ली से आए अखबारों को भी पढ़कर निंदा की है। हर किसान की जुबान पर इसी हिंसक घटना की चर्चा है। सभा में यहीं हिंसक घटना का ही चर्चा होगा। किसान सरकार पर दोष मंढ रहे हैं।

टीकरी बॉर्डर को छोड़कर सभी बॉर्डर पर यातायात सामान्य, मेट्रो सेवा भी सुचारू

टीकरी बॉर्डर को छोड़कर पहले की तरह यहां के सभी बॉर्डरों पर यातायात सेवा बहाल हो गई है। झाड़ौदा बॉर्डर, निजामपुर बॉर्डर समेत आसपास के गांवों के दिल्ली की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर यातायात सेवा सामान्य है। मेट्रो सेवा भी सुचारू रूप से चल रही है। ट्रैक्टर परेड के दौरान बहादुरगढ़ समेत इस लाइन के सभी मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए थे।

तय समय से पहले हटाए थे बैरिकेड, पहले पैदल और बाद में ट्रैक्टरों को लेकर निकले थे किसान

परेड में भाग लेने के लिए किसानों में काफी उत्सुकता थी। करीब नौ बजे ही किसानों ने टीकरी बॉर्डर के बैरिकेड हटा दिए थे। हजारों की संख्या किसान पैदल ही दिल्ली की तरफ निकल पड़े थे। इसके बाद ट्रैक्टरों के साथ किसानों ने परेड शुरू की थी। टीकरी बॉर्डर से लेकर पूरे बहादुरगढ़ शहर, बाईपास और करीब 20 किलोमीटर तक एनएच-9 पर ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर थे। यहां के इन मार्गाें पर पैर रखने तक की भी जगह  नहीं थी। यहां से परेड में शामिल किसानों ने नांगलोई में बैरिकेड तोड़ दिए थे। इसी के चलते दिल्ली पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े थे। किसानों ने यहां पर जमकर उपद्रव किया था। हालांकि मामला शांत होने के बाद किसान वापस लौट गए। वापसी का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा था।

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