विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हरियाणा की मंडियों में भीगा लाखों टन धान, खेतों में ओलों ने बिछाई फसल

Published: Mon, 26 Oct 2026 02:29 PM (IST)

हरियाणा की मंडियों में धान की आवक और खरीद के बावजूद उठान धीमा है, जिससे लाखों मीट्रिक टन धान खुले ...और पढ़ें

हरियाणा में धान खरीद और उठान में देरी, आंधी-बारिश से किसानों पर दोहरी मार।

हरियाणा में धान खरीद और उठान में देरी, आंधी-बारिश से किसानों पर दोहरी मार।

HighLights

  1. हरियाणा मंडियों में लाखों मीट्रिक टन धान खुले में पड़ा।

  2. आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलें व धान भीगा।

  3. किसान विशेष गिरदावरी और मुआवजे की कर रहे मांग।

जागरण टीम हिसार/पानीपत। मंडी की ढेरी के पास बैठा किसान आसमान को ताक रहा है। एक तरफ धान के बिकने और उठने का इंतजार है, दूसरी तरफ खेत में बिछी फसल का दर्द। खरीफ विपणन सीजन 2026-27 में रविवार शाम तक हरियाणा की मंडियों में 30.26 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। सरकारी खरीद 24.93 लाख मीट्रिक टन रही, लेकिन उठान 17.54 लाख मीट्रिक टन ही हो पाया।

यानी 7.39 लाख मीट्रिक टन धान अब भी मंडी परिसरों में खुले आसमान के नीचे है। इसके अलावा 5.33 लाख मीट्रिक टन आवक खरीद के इंतजार में बिना बिकी पड़ी है। शनिवार रात आंधी, बारिश और ओलों ने चिंता और गहरी कर दी। जहां फसल कटाई के लिए तैयार थी, वहां दाने जमीन पर बिखर गए। सीजन के सबसे अहम दिनों में अन्नदाता दोहरी मार झेल रहा है।

मंडियों में धान की ढेरियों के पास किसान और मजदूर दिन-रात डटे हैं। वर्षा की आहट पर तिरपाल खींचे जाते हैं और धूप निकलते ही धान सुखाया जाता है। यमुनानगर में सुबह धूप खिलने के बाद मजदूर धान को सुखाते दिखे। यहां जिले की मंडियों में करीब एक लाख एमटी धान खुले में था।

करनाल की निसिंग मंडी में गेट पास न कटने पर किसान प्रदर्शन पर उतर आए। गेट पास कटने के बाद भी बारिश में धान की बोरियां भीग गईं। सिरसा के कालांवाली, डबवाली और नाथूसरी चौपटा में शेड के बाहर भी धान पड़ा है।

राहत की दरकार किसानों ने मुख्यमंत्री से विशेष गिरदावरी, ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने और मुआवजे की मांग की है। फतेहाबाद में किसान मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पर मांग उठाएंगे और 27 अक्टूबर को रतिया में ज्ञापन सौंपा जाएगा। सिरसा में मंगलवार को जिलेभर के किसान लघु सचिवालय में जुटेंगे। प्रशासन ने पटवारियों से नुकसान की रिपोर्ट मांगी है।

कैसे हैं जिलों में हालात

यमुनानगर : शनिवार देर रात आए तूफान और बूंदाबांदी से किसानों की चिंता बढ़ गई। उठान धीमा होने से मंडियों में करीब एक लाख मीट्रिक टन धान खुले में पड़ा है। तूफान से 24 जगह बिजली के खंभे और 13 स्थानों पर पेड़ गिर गए।

करनाल : 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी और 8.7 मिलीमीटर वर्षा से धान की फसल बिछ गई। 153 बिजली के खंभे टूटे और 100 से अधिक जगह पेड़ गिरे। बिजली निगम को 80 लाख रुपये से अधिक नुकसान का अनुमान है।

हांसी : हांसी अनाज मंडी और सिसाय उपमंडी में शनिवार तक 1,51,567 क्विंटल धान की आवक हुई। इसमें से 1,19,085 क्विंटल की खरीद और 76,424 क्विंटल का उठान हो चुका है।

कैथल : तेज आंधी और वर्षा से 162 बिजली के खंभे और 200 से अधिक पेड़ गिर गए। 23 ट्रांसफार्मर खराब होने से 30 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई। बिजली निगम को 70 से 75 लाख रुपये नुकसान का अनुमान है।

जींद : नरवाना और उचाना क्षेत्र में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। उचाना के घोघड़ियां सहित आसपास के गांवों में हल्की ओलावृष्टि से धान की फसल को नुकसान की आशंका है। जिले की मंडियों में 17.10 लाख क्विंटल पीआर धान पहुंच चुका है।

भिवानी : तोशाम क्षेत्र के सात गांवों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ। मंडियों में 8.86 लाख क्विंटल बाजरे की आवक के मुकाबले 7.18 लाख क्विंटल की खरीद हुई है।

चरखी दादरी : ओलावृष्टि से जिले के 12 गांवों में धान और कपास की फसल प्रभावित हुई है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, धान की 11,765 एकड़ और कपास की 190 एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है।

कुरुक्षेत्र : देर रात तेज हवाओं और बूंदाबांदी से मंडियों में खुले में पड़ा करीब नौ लाख क्विंटल धान भीग गया। जिले में करीब 412 पेड़ गिरे, 30 बिजली के खंभे टूटे।

फतेहाबाद : वर्षा और ओलावृष्टि से करीब 15 गांवों में धान की 70 से 80 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। तेज आंधी से 40 पेड़ टूटे और 15 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई।

सिरसा : 25 गांवों में ओलावृष्टि से 50 से 60 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। मंडियों में 1.94 लाख मीट्रिक टन धान पहुंचा है, जिसमें से 1.08 लाख मीट्रिक टन की खरीद गई।।

रोहतक : अनाज मंडी में अब तक 45,085 क्विंटल धान की आवक हुई है, जिसमें से 31,717 क्विंटल की खरीद हो चुकी है। अभी 13,367 क्विंटल धान खरीद के इंतजार में है, जबकि 15,539 क्विंटल का उठान हुआ है।

पानीपत : जिले की अनाज मंडियों में 1,66,697.2 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इसमें से 1,58,612.7 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। करीब 8,084.5 मीट्रिक टन धान की खरीद बाकी है और उठान नहीं होने से मंडियों में भंडारण की समस्या बनी हुई है।

झज्जर : मातनहेल मंडी में 17,266 क्विंटल पीआर धान पहुंचने के बावजूद सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। झज्जर मंडी में बाजरे का उठान धीमा है। मौसम खराब होने की आशंका के बीच मंडियों से फसल उठाने की चुनौती बनी हुई है।

अंधेरे और अफरा-तफरी की रात

शनिवार-रविवार की रात आई तेज आंधी ने शहरों और गांवों का जनजीवन भी बिगाड़ दिया। कैथल में 162 पोल गिरे, 200 से अधिक पेड़ टूटे और 23 ट्रांसफार्मर खराब हुए। 30 से अधिक गांवों में बिजली गुल रही और सुबह पेयजल सप्लाई भी शुरू नहीं हो सकी। विश्वकर्मा चौक पर कार पर पेड़ गिरा और सेक्टर 20 में मां के जागरण का पंडाल उड़ने से कार्यक्रम रद करना पड़ा।

करनाल में 153 पोल उखड़े या टूटे, निगम को 80 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। कुरुक्षेत्र में 30 खंभे, 15 ट्रांसफार्मर और करीब 412 पेड़ गिरे। यमुनानगर के 43 गांवों और 16 कालोनियों में घंटों बिजली गुल रही।