रोहतक, जेएनएन। महम विधायक द्वारा पूर्व सहकारिता मंत्री पर लगाए गए भ्रष्टाचार के मामले में दायर वाद बुधवार को कोर्ट में खारिज हो गया। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने विधायक बलराज कुंडू पर मानहानि और छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए वाद दायर किया था। जिस पर विधायक पक्ष ने रिव्यू पिटीशन दायर की थी। बुधवार को सीजेएम रितू वाईके बहल की कोर्ट ने रिव्यू पिटीशन को स्वीकार करते हुए केस खारिज कर दिया। 

जनवरी 2020 में महम विधायक बलराज कुंडू ने पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर पर पैसा और शराब बांटकर दंगे भड़कवाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश के शुगर मिलों से कोडिय़ों के भाव शीरा खरीदा गया। जब दाम बढ़े तब शीरे को ज्यादा दामों पर बेचा गया। शहर की सड़कों पर मेस्टिक लेयर, मल्टीस्टोरी पार्किंग सहित अन्य प्रोजेक्ट में पूर्व मंत्री ने खुद को फायदा पहुंचाया करोड़ों का भ्रष्टाचार किया है। मामले को विधानसभा में भी उठाते हुए गृहमंत्री अनिल विज से भी पूर्व मंत्री के खिलाफ शिकायत की थी।

इसके बाद पूर्व मंत्री अनिल विज ने बलराज कुंडू को मानहानि का नोटिस भेजा था और जवाब न देने की स्थिति में उनके खिलाफ आइपीसी की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक वाद दायर किया था। इस पर कोर्ट द्वारा 30 मई को विधायक बलराज कुंडू को समन जारी करते हुए पेश होने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के खिलाफ विधायक बलराज कुंडू ने सेशन कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की।

विधायक के अधिवक्ता जेके गक्खड़ और पीयूष गक्खड़ ने सीजेएम रितू वाईके बहल की कोर्ट में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट, हिमाचल हाईकोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले रखते हुए कहा कि मानहानि शिकायकर्ता की नजर में नहीं हो सकती है। यदि कोई दूसरा व्यक्ति गवाही दे कि संबंधित व्यक्ति की शहर में बहुत इज्जत है और लगाए गए आरोपों से उनकी छवि खराब हुई है तो ऐसी स्थिति में मानहानि स्वीकार की जाती है। इस पर सेशन कोर्ट द्वारा रिव्यू पिटीशन को स्वीकार करते हुए पूर्व में कोर्ट द्वारा जारी किए गए समन को निरस्त करते हुए केस खारिज कर दिया। पूर्व मंत्री के अधिवक्ता राकेश सपड़ा ने कहा कि अभी कोर्ट से आदेश की प्रति नहीं मिली है। आदेश का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

यह सच्चाई और ईमानदारी की जीत है। कोर्ट के इस फैसले से लोगों में कोर्ट के प्रति विश्वास और बढ़ेगा। अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का शिलान्यास हुआ और आज ही कोर्ट द्वारा झूठे मुकदमे को खारिज किया गया है। इससे साफ है कि सच बोलने वाले लोगों का भगवान श्रीराम भी साथ देते हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी रहेगी। 

बलराज कुंडू, विधायक महम 

कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी। विधायक द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। राजनीतिक फायदे के लिए आरोप लगाए गए थे। 

मनीष ग्रोवर, पूर्व सहकारिता मंत्री 

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