संवाद सहयोगी, अग्रोहा : राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर गांव चिकनवास के पास स्थित सवेरा नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक नशे का आदि था और उसे 15 दिन पहले ही परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि नशा मुक्ति केन्द्र में उसे हद से ज्यादा प्रताड़ित किया गया, जिससे मौत हो गई। वहीं, केंद्र संचालक मौत का कारण दौरा पड़ना को बता रहा है। पुलिस ने मेडिकल कालेज में बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।

फतेहाबाद के मोहम्मदपुर रोही निवासी रामेश्वर ने पुलिस को शिकायत दी है कि उसका भाई 34 वर्षीय कुलदीप नशे का आदी था। 15 दिन पहले उसे चिकनवास के निकट सवेरा नशा मुक्ति केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। कुलदीप रोज घर फोन करके बताता था कि उसे यहां तंग किया जाता है और उसे यहां से घर ले जाओ। परिजनों ने कुलदीप की बात को गंभीरता से नहीं लिया। रामेश्वर के अनुसार शनिवार रात को नशा मुक्ति केंद्र संचालक का उनके पास फोन आया कि कुलदीप की तबीयत काफी खराब है। उसे आकर ले जाएं। रामेश्वर परिजनों के साथ केंद्र पर पहुंचा तो कुलदीप का शरीर शिथिल अवस्था में पड़ा था। परिजन उसे अग्रोहा मेडिकल कालेज ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने कुलदीप की मौत को असामान्य बताते हुए बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। इस पर मेडिकल कालेज के डायरेक्टर डा. गोपाल ¨सघल के निर्देश पर बोर्ड का गठन कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद जांच के लिए विसरा मधुबन लैब भेज दिया गया है। विसरे की दो जांचें कराई गई हैं : डा. वोहरा

कुलदीप के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज के डा. वोहरा व डा. राजीव चौहान के बोर्ड ने किया। डा. वोहरा ने बताया कि मौत के कारण का पता लगाने के लिए विसरे की जांचें कराई जा रही हैं। पहली जांच पैथोलॉजी लैब मेडिकल कालेज अग्रोहा और केमिकल परीक्षण के लिए मधुबन लैब करनाल में होगी। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का पता लगाया जा सकता है। विसरा जांच रिपोर्ट आने पर होगी आगामी कार्रवाई

अग्रोहा थाने से जांच अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में कुलदीप की मौत के कारण का पता नहीं लग पाया है। मौत के कारण पता लगाने के लिए शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद विसरा मधुबन लैब करनाल भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। नशे का आदी नहीं मानसिक रोगी था कुलदीप : केंद्र संचालक

सवेरा नशा मुक्ति केंद्र के संचालक सुनील ने बताया कि 24 अगस्त को कुलदीप को उनके केंद्र में भर्ती कराया गया था। उस समय कुलदीप की पत्नी, उसका भाई रामेश्वर व अन्य परिजनों के साथ मोहम्मदपुर डेरा के कई लोग आए थे। कुछ दिन बाद ही कुलदीप केंद्र में उत्पात करने लग गया था। वह एक ही रट लगा रहा था कि उसे नपुंसक बनाया गया है। कुलदीप के परिजनों को बता दिया गया था कि वह नशे का आदी नहीं, बल्कि मानसिक रोगी है। चार दिन पहले भी फोन करके कुलदीप के परिजनों को बताया गया था कि वह खुद को ही नुकसान पहुंचा रहा है। दीवारों में टक्कर मार रहा है। उसे यहां से ले जाएं और मानसिक रोग विशेषज्ञ से इलाज कराएं। शुक्रवार नौ बजे कुलदीप को दौरा पड़ा। केन्द्र के मेडिकल अधिकारी ने कुलदीप को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उसके बाद भी तबीयत बिगड़ती चली गई। रात को ही कुलदीप के परिजनों को इस बारे में सूचित कर दिया गया था। उसके परिजन रातभर केंद्र में रहे और सुबह होने पर उसे घर ले जाने की बात कह रहे थे, लेकिन सुबह मेडिकल कालेज ले गए, जहां पोस्टमार्टम के बाद पुलिस कार्रवाई की गई।

Posted By: Jagran

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