भिवानी (ढिगावा मंडी), जागरण संवाददाता। भिवानी जिला प्रमुख सरसों उत्पादक जिलों में शामिल है इस पर भी अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट, मंत्री महोदय बस वादा कर रहे। जिले में डीएपी खाद की किल्लत के चलते किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। गांवों में स्थित सहकारी समितियों में खाद आपूर्ति नहीं होने के कारण किसानों को दूसरे जिलों में खाद के लिए जाना पड़ रहा है।

भिवानी के सरसों के इलाके में किसानों ने बिजाई शुरू कर दी है, लेकिन उनको डीएपी खाद नहीं मिल रही है। दूसरी ओर सरकार का दावा है कि खाद की कमी नहीं है, बल्कि इसे जानबूझकर कमी दिखाने की कोशिश है, लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि किसानों को खाद नहीं मिल रही है। किसानों का कहना है कि भिवानी क्षेत्र के किसान अपनी खेती को लेकर बेबस-परेशान है। उसे सबसे अच्छी कमाई देने वाली सरसों खेती बर्बाद होती दिख रही। बुवाई के कुल 5 दिन भी नहीं बचे हैं। और इसके लिए जरूरी डीएपी खाद नहीं मिल रहा। घर की बेटी-मां तक खाद की दुकानों के बाहर खाद के इंतजार में खड़ी हैं। 

क्या कह रहे हैं किसान
2 दिन में डीएपी नहीं मिला तो उपज आधी रह जाएगी। सिंगल सुपर फास्फेट ही विकल्प बचा है। ये भी महंगा मिल रहा है। हमें 60 से 65 कट्टे डीएपी की जरूरत थी, बाजार में दो से तीन कट्टे ही मिले। किसान रतन सिंह अमीरवास ने बताया कि वह 30 एकड़ जमीन पर खेती करता है। किसान महावीर का कहना है कि सरसों और गेहूं की बुवाई में डीएपी चाहिए। अगर खाद नही मिला तो फसलो में 50 से 60 प्रतिशत तक कमी आ जाएगी। कृषि मंत्री को खाद की पूछो तो वादा कर चले जाते हैं।

खाद की कोई कमी नहीं रहेगी

वहीं किसान नरेश पहाड़ी का कहना है कि कई दिन से खाद को भटक रहे हैं। सरकार ने पता नहीं क्यों नहीं मंगाया। जबकि ये तो हर साल चाहिए। कहीं खाद नहीं मिल रही। जहां कहीं खात मिलती है तो उसके साथ अन्य कीटनाशक व दवाइयां खरीदनी पड़ रही है। साथ ही किसान सुरेश का कहना है कि सरसों बिजाई का टाइम निकता जा रहा है। बाजार में डीएपी तो दूर सिंगल फास्फेट तक नहीं मिल रहा। 20 दिन से राेज बाजार की दुकानाें व सोसायटी के चक्कर लगा रहे हैं। खाद कब मिलेगी कोई सही से नहीं बता रहा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डाॅ. आत्माराम गोदारा ने बताया कि शाम तक डीएपी खाद उपलब्ध हो जाएगी, खाद की कोई कमी नहीं रहेगी।

Edited By: Naveen Dalal