फतेहाबाद, जागरणर संवाददाता। हरियाणा सरकार ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल के तहत किसानों द्वारा फसल का पंजीकरण का कार्य शुरू किया है। जिसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी 2022 निर्धारित की गई है। जो किसान पोर्टल पर रबी सीजन की फसलों का रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते हैं, वे 31 जनवरी तक अपनी रबी की फसलों का ब्योरा इसमें दर्ज करवा सकते हैं। 

पिछले साल पंजीकरण न करवाने के कारण किसानों को हुई थी परेशानी 

किसान अपनी फसलों का पंजीकरण पोर्टल पर जाकर करवा सकते हैं। आनलाइन या नजदीकी अटल सेवा केंद्र पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 भी जारी किया गया है। किसान अपनी खेती का पूरा विवरण आनलाइन पोर्टल पर सबमिट कर सकते हैं, जिससे समय पर सरकार के द्वारा इन्हें लाभ पहुंचाया जा सके।

फसलों के पंजीकरण में बचे महज 15 दिन, 31 जनवरी अंतिम तिथि

हरियाणा सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कई तरह की योजनाओं शुरू की गई है। इन्हीं योजनाओं में से एक योजना मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल के माध्यम से किसानों को लाभांवित किया जा रहा है। सरकार ने प्रत्येक किसान की फसल का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर करवाना अनिवार्य किया हुआ है। इसका उद्देश्य किसानों को फसल बेचने में सुविधा पहुंचाने के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं का सीधे लाभ भी देना है।

फसलों के पंजीकरण के लिए ये चाहिए दस्तावेज 

  • आवेदक किसान का आधार कार्ड।
  • रिहायसी प्रमाण-पत्र। 
  • मोबाइल नंबर जो पोर्टल पर पंजीकरण के समय दर्ज कराना है। 
  • जमीन की जानकारी के लिए नकल की कापी / फर्द की कापी से अपना मुरब्बा नंबर खसरा नंबर। 
  • बैंक की पासबुक की कापी।

जिले में फसलों का ये है क्षेत्रफल 

  • फसल रकबा 
  • गेहूं 1.84 लाख हेक्टेयर 
  • सरसों 23 हजार हेक्टेयर 
  • जौ 5 हजार हेक्टेयर 
  • चना 2 हजार हेक्टेयर 

फसलें बेचने में आएगी परेशानियां

मेरी फसल, मेरा ब्योरा पर किसान 31 जनवरी तक पंजीकरण करवा सकते है। पंजीकरण होने के बाद किसानों की फसल खरीदी जाएगी। पिछले साल भी अनेक किसानों को फसलें बेचने में परेशानी आई थी। ऐसे में इस परेशानी से बचने के लिए पंजीकरण अवश्य करवाये। अभी 15 दिन और शेष है। ऐसे में किसान जल्द से जल्द पंजीकरण अवश्य करवा ले। 

----डा. राजेश कुमार, उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग।

Edited By: Naveen Dalal