रोहतक, जेएनएन। कोरोना वायरस से बचाव के लिए फलों, सब्जियों को काटने और खाने से पहले आवश्यक है कि उन्हें गर्म पानी में अच्छे से धोएं। इसके बाद हाथों को भी साबुन से अच्छी प्रकार से धोकर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। आवश्यक है कि लॉकडाउन के दौरान घरों से बाहर न निकले और वायरस की चेन को बनाने से रोकें। उक्त बातें पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डा. ओपी कालरा ने कही। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि महामारी को हल्के में न लें, अन्यथा यह गंभीर रूप धारण कर लेगी।

डा. ओपी कालरा ने कहा कि कोरोना वायरस के आशंकित और अभी तक आए एक पॉजिटिव मरीज का पीजीआइ में गहनता से उपचार किया जा रहा है। मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में न केवल मरीजों को बेहतर सुविधाएं दी जा रहीं हैं, बल्कि उन्हें घर जैसा माहौल देने के लिए भी हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि कोरोना वायरस की चेन को तोडऩे के लिए आवश्यक है कि 21 दिनों तक सोशल डिस्टेंङ्क्षसग बनाई जाए। यानि घरों से बाहर न निकलते हुए हम कोरोना वायरस जैसी महामारी को हरा सकते हैं।

यह बरतें एहतियात

- मंडियों में फल व सब्जी की खरीदारी करने के दौरान भी याद रखा जाए कि हाथों में दस्ताने पहन कर जाएं

- फल व सब्जी खरीदने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी प्रकार से धोएं

- किसी संक्रमित व्यक्ति ने इन फल व सब्जियों को छुआ भी है तो वायरस आप तक न पहुंच सके

- सीधे नाक व मुंह से भी हाथ लगाने के लिए लोगों से परहेज करना चाहिए

- कोई भी ऐसी वस्तु जो कई लोगों के हाथों से होकर आप तक पहुंचती है ऐसी वस्तु को छूने के बाद हाथ धोना आवश्यक है

- हेल्दी फूड खाएं ताकि बीमार होने से बचें, अगर कोई भी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत हैं तो संबंधित चिकित्सक से फोन पर परामर्श लें

पीजीआइ में प्रतिदिन 110 मरीजों की जांच की सुविधा

पीजीआइएमएस में जांच को लेकर कुलपति ने कहा कि वर्तमान में संस्थान में करीब 110 मरीजों की जांच के लिए सुविधा उपलब्ध है। इस संख्या को बढ़ाने के लिए सरकार को सुझाव दिया गया था, जिस पर सरकार द्वारा पहल की जा रही है। हालांकि अभी तक संस्थान में एक दिन में अधिकतम 34 मरीजों की ही जांच की गई है।

 

Posted By: Manoj Kumar

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