हिसार, जेएनएन। एडीजे डीआर चालिया की अदालत ने रोहतक के पुराना बस अड्डा के पड़ाव निवासी ऑटो चालक महाबीर को हत्या, हत्या प्रयास और आत्महत्या का प्रयास करने के दोषी में उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी ने करीब तीन साल पहले मानसिक परेशानी के कारण हांसी में जींद रोड पर 11 साल की बेटी सलोनी और 5 साल के बेटे शुभम को पुल से फेंककर खुद छलांग लगा दी थी। इस घटना में शुभम की मौत हो गई थी और सलोनी व महाबीर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

अभियोजन पक्ष के अनुसार 23 मार्च 2016 को रोहतक के पुराना बस अड्डा एरिया निवासी महाबीर अपने बेटे शुभम, बेटी सलोनी, चचेरे भाई सोमनाथ के साथ ऑटो रिक्शा में होली मनाने हनुमान कॉलोनी हांसी आया था। वहां सोमनाथ के भाई राजेंद्र और मिट्ठू रहते हैं। उसके बाद उन्होंने होली मनाई। बाद में सोमनाथ वगैरहा हिसार के घोड़ाफार्म रोड पर रिश्तेदारी में आ गए। महाबीर अपने दोनों बच्चों के साथ रोहतक के लिए चल पड़ा था। बाद में हांसी सदर थाना के एएसआइ कृष्ण कुमार को सूचना मिली थी कि हांसी बाईपास के जींद रोड पुल पर एक आदमी खड़ा है। वह जोर-जोर से चिल्लाकर कह रहा है कि दोनों बच्चों की नीचे फेंककर हत्या करूंगा और मैं खुद कूदकर आत्महत्या करूंगा।

हांसी सदर थाने से एक और टीम मौके के लिए रवाना हो गई। मौके पर तीन-चार आदमी खड़े थे। पुलिस के देखते-देखते महाबीर ने दोनों बच्चों को नीचे फेंककर खुद छलांग लगा दी थी। पुलिस और राहगीरों ने तीनों घायलों को हांसी के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया था। वहां से उन्हें हिसार के सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया था। शुभम को मृत घोषित कर दिया गया था। सलोनी और महाबीर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज करने के बाद 22 दिसंबर 2016 को आरोपित महाबीर को गिरफ्तार किया था।

Posted By: manoj kumar

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