सिरसा, जेएनएन। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जिला अदालत ने जगसीर उर्फ मोटू निवासी असीर को दोषी करार देते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना किया है। थाना कालांवाली में 6 जून 2018 को पीडि़ता के बयान पर अभियोग दर्ज किया गया था। पुलिस को दिए बयान में पीडि़ता ने बताया था कि उसके पिता जेल में है। उसकी मां एक फैक्टरी में काम करती है।

एक दिन वह अपनी मां के साथ फैक्टरी में गई थी। इस दौरान जगसीर उनके लिए चाय लेकर आया। चाय पीने के बाद उसे चक्कर आने लगे, आरोपित ने उसे कमरे में आराम करने को कहा। पीडि़ता ने बताया कि जब उसे होश आया तो उसने खुद को दूसरी जगह पर पाया। यहां पर जगसीर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद से केस अदालत में विचाराधीन था।

आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति को पांच साल की कैद

फतेहाबाद : अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की अदालत ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपित पति को दोषी करार देते हुए पांच साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पुलिस को दी शिकायत में पंजाब के जिला संगरूर निवासी भोला ङ्क्षसह ने बताया था कि मेरी लड़की कर्मजीत कौर की शादी 6 वर्ष पहले मानसा जिले के बरेटा निवासी बग्गा ङ्क्षसह के साथ हुई थी। बाद में वे टोहाना के दमकौरा रोड पर आकर रहने लग गए।

बग्गा ङ्क्षसह उनकी पुत्री को तंग व मारपीट करता था। इसी बात को लेकर कर्मजीत कौर 2 सितंबर 2016 को बच्चों को लेकर घर से निकल गई। उसका शव 7 सितंबर 2016 को भाखड़ा नहर फतेहपुर पंजाब में मिला था। पुलिस ने केस दर्ज कर बग्गा सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था।

Posted By: Manoj Kumar

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