रोहतक, जेएनएन। नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितू वाईके बहल की कोर्ट ने चार आरोपितों को बरी कर दिया है। शिकायतकर्ता पक्ष आरोपितों के खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। कलानौर थाना क्षेत्र के रहने वाली एक महिला ने मार्च 2018 में शिकायत देते हुए बताया कि उसकी 14 साल की बेटी है।

वह शाम के समय घर से बाहर घूमने के लिए गई थी। जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। छह दिन बाद नाबालिग लड़की अपने घर वापस आ गई। बाल कल्याण समिति से नाबालिग की काउंसिलिंग कराई गई। जांच पड़ताल के बाद महम के रहने वाले बंटी, अनिल, नरेंद्र और सोनू को गिरफ्तार किया गया।

आरोपित नाबालिग का अपहरण कर खेत में ले गए, जहां पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। यह मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितू वाइके बहल की कोर्ट में विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शुक्रवार को चारों आरोपित को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

जान से मारने की धमकी देकर नाबालिग को नशे की गोलियां देने के मामले में आरोपित बरी

रोहतक : नाबालिग को जान से मारने की धमकी देकर जबरदस्ती मोबाइल देना और परिजनों को नशीले गोलियां खिलाने का दबाव बनाने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की कोर्ट ने दो आरोपितों को बरी कर दिया है।

मामले के अनुसार, शहर की एक कालोनी में रहने वाले व्यक्ति ने जुलाई 2018 में सिटी थाने में मामला दर्ज कराया। शिकायत में बताया कि उसकी 13 वर्षीय बेटी एक स्कूल में पढ़ती है। उसे कुछ लड़के परेशान करते हैं। आरोपितों ने उसकी बेटी को एक मोबाइल दिया और धमकी दी कि यदि मोबाइल नहीं लिया तो उसके छह वर्षीय भाई को मार देंगे। एक दिन आरोपितों ने नाबालिग को नशे की गोलियां दी। कहा कि यह गोली रात के समय अपने परिजनों को दे देना और फिर घर से बाहर आ जाना।

नाबालिग ने इसके बारे में अपनी परिजनों को जानकारी दी। शिकायत के बाद पुलिस ने कबीर कालोनी के रहने वाले राहुल और दीपक समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। तीसरा आरोपित नाबालिग था। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की कोर्ट में मामले पर सुनवाई, जिसके बाद दोनों आरोपितों को शुक्रवार को बरी कर दिया गया।

Posted By: Manoj Kumar

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