जागरण संवाददाता, हिसार : शहर को बेसहारा पशु मुक्त करने के लिए शहर के जनप्रतिनिधि से लेकर जनता एकजुट होने लगी है। वहीं पुलिस और नगर निगम प्रशासन इस मामले में शहर के जनप्रतिनिधियों से जानकारी छुपाने में जुटे हुए है। ताजा मामला उन पशुपालकों की जानकारी छुपाने का है जो दूध निकालकर पशुओं को खुले में छोड़ देते है। वार्ड-14 का पार्षद अमित ग्रोवर पिछले कई दिनों से उन पशुपालकों की लिस्ट मांग रहा है जो खुल में अपने पशु छोड़ते थे और नगर निगम और पुलिस दोनों विभागों ने मिलकर ऐसे पशुपालकों की पहचान कर लिस्ट तैयार की थी। यह लिस्ट दोनों ही विभाग जनप्रतिनिधि से छुपा रहे है। ऐसे में दोनों ही विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है।

लिस्ट होती है सार्वजनिक तो पशुपालकों की बढ़ सकती है मुश्किलें

पार्षद अमित ग्रोवर ने कहा कि पशुपालकों की लिस्ट यदि सार्वजनिक होती है तो पशु खुले में छोड़ने वाले पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ सकती है। इन पशुपालकों की जनता को पहचान होगी तो लोगों का भी विरोध इनके प्रति बढ़ेगा ऐसे में उन पर भी दबाव बनेगा की वे पशु खुले में न छोडे़। साथ ही उनके पशु पकड़े जाने पर निगम और पुलिस को भी उन पर कार्रवाई करनी होगी। ऐसे में दोनों ही विभाग अभी तक लिस्ट उपलब्ध नहीं करवा रहे है।

एक टीम ही पकड़ेगी पशु

निगम टीम की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम प्रशासन एक ही टीम को फील्ड में उतारेगा। यही टीम दिनभर में पशु पकड़ेगी। पूर्व में दो दिन जहां नगर निगम की टीम ने दो-दो टीमें पशु पकड़े के लिए फील्ड में उतारी थी। वहीं शनिवार को ये टीमें एक हो गई। अब सोमवार को से एक ही टीम फील्ड में पशु पकड़ेगी।

-----पुलिस और नगर निगम दोनों विभागों के अधिकारियों से पूर्व में तैयार की गई पशुपालकों की लिस्ट मांग चुका हूं काेई भी लिस्ट नहीं दे रहा है। मेरी प्रशासन से मांग है कि जो पशुपालक दूध निकालकर खुले में पशु छोड़ देते है उनके नामों की लिस्ट सार्वजनिक की जाए ताकि जनता को भी उनके बारे में पता चलें।

- अमित ग्रोवर, पार्षद वार्ड-14, हिसार।

 

Edited By: Manoj Kumar