भिवानी, अशोक ढिकाव। यूं तो कोरोना से बचाव का एक मात्र विकल्प वैक्सीनेशन को माना जा रहा हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर अब वैक्सीन लगवाने के बाद भी लोग कोरोना पाजिटिव हो रहे हैं। तीसरी लहर के आंकड़ों पर नजर डाले तो 1152 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 1152 कोरोना पाजिटिव मरीजों में से 304 व्यक्ति ऐसे थे तो वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके थे।

वैक्सीनेशन लगवाने वालों का आकड़ा घटा

वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना संक्रमित होने पर अब लोग वैक्सीन लगवाने से बचते नजर आ रहे हैं। जिससे साफ नजर आ रहा है कि वैक्सीन लगवाने वालों का आंकड़ा घट रहा हैं। स्वास्थ्य विभाग के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ हैं।

वैक्सीनेशन सेंटरों से दूरी बना रहे लोग

जिला में अब तक 24 हजार 353 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। दो माह के दौरान तीसरी लहर की दस्तक में 1152 लोग कोरोना पाजिटिव मिले हैं। कोरोना की तीसरी लहर से बचाने के लिए वैक्सीनेशन का कार्य तेज किया गया है। तीसरी लहर में जनवरी माह से ही 14 साल से 18 साल के किशोरों को वैक्सीन लगाए जाने का कार्य तेज किया गया हैं। तीसरी लहर से बचने व स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान के बाद लोग वैक्सीन सेंटरों पर पहुंचने शुरू हुए थे, लेकिन अब यह संख्या घट रही है। इसका कारण वैक्सीन लगवाने के बाद भी कोरोना पाजिटिव होने को माना जा रहा है। अब तीसरी लहर में अकेले भिवानी जिले में 304 व्यक्ति ऐसे मिले हैं जो वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके थे, लेकिन इसके बाद भी वह कोरोना संक्रमित हुए। इसे लोगों में विपरीत असर हो रहा हैं।

अधिकारी के अनुसार

वैक्सीनेशन लगवाना जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति वैक्सीन लगवाने के बाद भी संक्रमित होता है तो इसमें उसकी मृत्यु का खतरा कम हो जाता है। इसलिए जहां तक हो सके तो वैक्सीन डोज जरूरी लगवाए। इससे ही कोरोना से बचा जा सकता है।

-- डा. सुनील कुमार, जिला टीका करण अधिकारी भिवानी।

Edited By: Naveen Dalal