सिरसा, जेएनएन। हरियाणा में लॉकडाउन लगने के बाद एक बार जहां अंडो के रेड में कमी आई थी वहीं अब एक बार फिर से उछाल आ रहा है। कोरोना के चलते फलों के बाद अब कोरोना काल में अंडे में भी उछाल आने लगा है। गर्मी के बावजूद लोग इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए अंडे खा रहे हैं। इससे अंडों की रेहड़ियों पर रेट डबल हो गये हैं। रेहड़ी पर पहले 5 रुपये में बिकने वाला अंडों अब दस रुपये में हो गया।

हालांकि थोक विक्रेता को अब भी कम फायदा हो रहा है मगर किरयाना स्‍टोर और रेहडी संचालकों को अच्‍छे दाम मिल रहे हैं। लॉकडाउन में रेहड़ी लगाने की छूट तो नहीं है मगर तंग गलियों और कम सुरक्षा वाली जगहों पर रे‍हड़ी भी लग रही हैं। हालांकि अंडे खाने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती भी है और इसके लिए छूट भी दी जा सकती थी। मगर ऐसा नहीं हो सका।

पिछले एक साल के दौरान यह अंडे का उच्चतम रेट है। इसी के साथ अंडों के थोक विक्रेता की दुकानों में प्रति करेट 15 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। पहले 135 रुपये में बिकने वाली करेट 150 रुपये तक पहुंच गई है। अर्से बाद अंडे में मजबूती देखने को मिली है। इससे उत्पादकों के लाॅकडाउन में हुए नुकसान की भरपाई हो पाएगी।

सर्दी में रेट के अंदर आता है उछाल

सर्दी के मौसम में अंडों की डिमांड काफी बढ़ जाती है। सर्दी सीजन के दौरान कीमतें सात रुपये प्रति अंडा से भी पार पहुंच जाती है। कोरोना महामारी के दौरान जबरदस्त आर्थिक संकट झेलने के बाद अब उत्पादकों को फील गुड हो रहा है। कोरोना काल में अंडों की डिमांड बढ़ने से रेट में भी उछाल आया है। शहर में कई जगह पर शाम के समय अंडों की रेहड़ियां लगती है। जिनमें अंडों से अंडों की भूजी व आमलेट के रेट भी बढ़ा दिए हैं।  

--गर्मी का मौसम शुरू होते ही अंडों की डिमांड कम हो जाती है। मार्च में कोरोना के चलते लोग अंडा खाने से परहेज कर रहे थे, लेकिन अब इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए इसका काफी उपयोग हो रहा है। अंडे की मांग में जबरदस्त उछाल आया है, जबकि उत्पादन कम हो गया है। लाॅकडाउन के कारण बड़ी संख्या में उत्पादकों ने इस धंधे से तौबा कर ली। साफ है कि मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से ही कीमतें बढ़ रही हैं।

जसमीत सिंह बेदी, अंडों के थोक विक्रेता, सिरसा