रोहतक, [ओपी वशिष्ठ]। हरियाणवी फिल्म दहिया वर्सेज मलिक फिल्म रिलीज होने से पहले ही विवादों में आ गई है। खापों ने फिल्म के शीर्षक को लेकर एतराज जताया है। इतना ही नहीं स्टेज एप के मालिक, निर्देशक और कलाकारों को भी चेताया है। इंटरनेट मीडिया पर ज्यादा विरोध होते देख स्टेज एप की तरफ से पत्र लिखकर माफी मांगते हुए शीर्षक बदलने का निर्णय लिया है। अब फिल्म का शीर्षक गौरव की स्वीटी हो सकता है। उधर, फिल्म की मुख्य अभिनेत्री अंजवी सिंह हुड्डा ने भी खापों को खुला पत्र लिखा है और फिल्म में हरियाणा की संस्कृति, खाप व गौत्र के मान-सम्मान रखते हुए फिल्म देखने की अपील की है।

हरियाणवी कंटेट पर आधारित स्टेज एप ने दहिया वर्सेज मलिक बनाई है, जो आगामी 28 जनवरी को रिलीज हो रही है। इस फिल्म के शीर्षक को लेकर हरियाणा में काफी विवाद हो गया है। दहिया व मलिक खाप के अलावा अन्य खाप प्रतिनिधियों ने फिल्म के शीर्षक को लेकर विरोध प्रकट किया है। खापों के अलावा भी इंटरनेट मीडिया पर लोगों ने फिल्म को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दी है, जिससे स्टेज एप मालिक को शीर्षक बदलने को लेकर बाध्य होना पड़ा। फिल्म के शीर्षक बदलने का निर्णय तो ले लिया, लेकिन नया शीर्षक क्या होगा, अभी इसका फैसला नहीं हुआ है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने गृहमंत्री को संज्ञान लेने का किया आग्रह

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने भी अपने फेसबुक पेज पर फिल्म के पोस्टर को पोस्ट करते हुए शीर्षक पर एतराज जताया है। उन्होंने पोस्ट में शीर्षक को भड़काऊ बताया है। उन्होंने गृहमंत्री अनिल विज को इस फिल्म के शीर्षक पर संज्ञान लेने का आग्रह किया है। बाद में स्टेज एप द्वारा जारी पत्र को भी पोस्ट किया आभार प्रकट किया है। इसके अलावा खापलैंड डाट इन के अध्यक्ष सुरेश देशवाल ने भी इस फिल्म के शीर्षक को बदलने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि हरियाणा के किसी भी एक गांव में दहिया व मलिक गौत्र के लोग नहीं रहते। दोनों गौत्र के बीच आपसी रंजिश की बात भी बेमानी है। यह फिल्म समाज को तोड़ने के लिए किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है। इस फिल्म पर प्रतिबंध लगना चाहिए।

अभिनेत्री अंजवी हुड्डा ने लिखा खापों को खुला पत्र

इस फिल्म की मुख्य अभिनेत्री अंजवी सिंह हुड्डा ने विवादों को देखते हुए खापों को खुला पत्र लिखा है। रोहतक के गांव रूड़की निवासी अंजवी हुड्डा ने कहा वह ग्रामीण परिवेश से हैं और प्रदेश की संस्कृति और रीति-रिवाजों से पूरी तरह से वाकिफ है। फिल्म में किसी भी गौत्र व खापों के मान-सम्मान को ठेस नहीं पहुंचाई गई है। यह एक मनोरंजन फिल्म है, जिसमें प्रदेश की आन-बान और शान का ख्याल भी रखा गया है। उन्होंने खापों के अलावा प्रदेश के लोगों को परिवार सहित फिल्म देखने की अपील की है ताकि फिल्म को लेकर अपनी राय बनाने से पहले सच्चाई से रूबरू हो सके।

दो परिवारों की कहानी

स्टेज एप के संचालक प्रवीण सिंघल ने बताया कि फिल्म पूरी तरह से ड्रामा है और हरियाणा के दो परिवारों की कहानी है। चूंकि दहिया और मलिक दो बड़े गौत्र है, इसलिए शीर्षक में लिया गया। फिल्म में किसी भी गौत्र व खाप को ठेस पहुंचाने की मंशा नहीं है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ और खापों के प्रतिनिधियों का मान रखते हुए फिल्म के शीर्षक बदलने का निर्णय लिया है। जल्द ही फिल्म का नया शीर्षक होगा।

Edited By: Rajesh Kumar