रोहतक, जेएनएन। दुष्‍कर्म होने पर बवाल होना लाजमी है। कानून ऐसे केसों में सख्‍ती से पेश आता है। मगर रोहतक में एक दुष्‍कर्म के मामले में कानून की बजाय पंचायत ने मोर्चा संभाल लिया। संभाला भी ऐसा ही दुष्‍कर्म केस में समझौता ही हो गया। एक गांव में पंचायत ने अजीब फैसला सुनाया है। समझौते के लिए बुलाई गई पंचायत ने दुष्कर्म के दो आरोपितों को पांच-पांच जूते मारकर दो महीने के लिए गांव से निकाले जाने की सजा सुनाने के बाद दोनों पक्षों को समझौता करने के लिए कहा।

आरोपितों को 51 हजार रुपये गांव की गोशाला में हर्जाने के तौर पर देने होंगे। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इस प्रकरण में महिला थाने में एफआइआर दर्ज हुई थी। थाना प्रभारी का कहना है कि पीडि़ता का अदालत में बयान करवाया गया था, वह आरोपों से मुकर चुकी है।

पंचायत मंगलवार शाम को हुई थी। इसके लिए नौ सदस्यीय कमेटी बनाई गई। इसमें पंचायत के कहने पर दोनों आरोपितों को करीब 20 मिनट बाद बुलाया गया। वहां पर आरोपितों से पूरे घटनाक्रम के बारे में पूछा गया और उन्होंने माफी भी मांगी। इसके बाद पंचायत ने सभी की सहमति के बाद अपना फैसला सुनाया।

पीडि़ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 17 सितंबर को अपनी बड़ी बहन के साथ घर से थोड़ी दूर पानी लेने के लिए गई थी। दो युवक वहां पर आए और उनका अपहरण कर लिया। खेत में ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई। बड़ी बहन का मुंह दबा दिया गया और उसके साथ (छोटी बहन) दुष्कर्म किया गया। आरोपितों की धमकी के डर से कई दिन तक पीडि़त पक्ष ने पुलिस को शिकायत नहीं दी तो महिला थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।

Posted By: Manoj Kumar

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