जागरण संवाददाता, हिसार : महारानी लक्ष्मीबाई कालेज की छात्राएं इस बार अपने हाथों से राखी बनाकर बेचेंगी और संग्रहीत राशि करेल के बाढ़ पीड़ितों की सहायतार्थ प्रधानमंत्री फंड में भेजी जाएगी। छात्राओं ने कई दिनों से यह अभियान छेड़ा हुआ है और अपने खाली समय में राखी बनाने में जुट जाती हैं। इसके अलावा छात्राएं घर से भी राखियां बनाकर ला रही हैं। उनकी राखियों में फूल, पत्तियां, मोती, सिप्पी, चावल व दाल के दाने और रेश्मी धागे शामिल हैं। कई छात्राओं ने मोर, कलश आदि की आकृतियां भी अपनी राखी पर भव्य तरीके से उकेरी हैं। प्राचार्या डा. नीलमप्रभा ने बताया कि ये हस्तनिर्मित राखियां छात्राएं, स्टाफ और ग्रामवासी खरीदेंगे तथा संचित धनराशि को बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्टाफ के सभी सदस्य भी अपनी स्वेच्छा से बाढ़ पीड़ितों के लिए सहायता राशि दे रहे हैं। हस्तनिर्मित राखी अभियान पर छात्राओं ने कहा कि बाजारी अथवा चाइनीज राखी के बजाय बहनों के हाथों से निर्मित राखियां स्नेह ¨सचित होती हैं और इन धागों में उनका अपरिमित प्यार भी गुंथा होता है। महारानी लक्ष्मीबाई कालेज की अनेक छात्राओं ने बाजार से राखी न खरीदने की शपथ भी ली। उल्लेखनीय है कि रक्षा बंधन के पर्व पर एनएसएस और महिला प्रकोष्ठ की ओर से'राखी बनाओ'प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जा रहा है, ताकि छात्राओं को अपनी कलात्मकता उजागर करने का मौका मिल सके। उन्होंने बताया कि सर्वश्रेष्ठ राखियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। एनएसएस प्रभारी ज्योति और सोनू कुमारी व वूमेन सेल प्रभारी सविता ने बताया कि अपने हाथों से बनाई राखी वृक्षों को बांध कर वृक्ष-बंधु भाव प्रसारित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि पेड़ों की सुरक्षा की नैतिक जिम्मेदारी को समझा जा सके।

Posted By: Jagran

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