जागरण संवाददाता, हिसार : प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के सभी निगमों को स्वावलंबी बनाने के निर्देश दिए हैं। निगमों को अपने लिए खुद आय जुटानी होगी। बात हिसार नगर निगम की करें तो यहां तो मामला उल्ट है। निगम ने आय के सबसे बड़े स्त्रोत पार्किंग को निश्शुल्क बांटा हुआ है। उधर पार्किंग ठेके के चाहवान निगम को लाखों देने को तैयार हैं। पर निगम है कि मानता नहीं। आखिर माने क्यों? अंदरखाते बड़ा खेल जो चल रहा है। अब हालात ये बन गए हैं आर्यसमाज मार्केट व बिश्नोई मार्केट पार्किंग को भी एसोसिएशन निश्शुल्क लेने के लिए आगे आई हैं। मेयर गौतम सरदाना को प्रपोजल तक दे दिया है। अब सोमवार को न्यू राजगुरु मार्केट व बिश्नोई मार्केट एसोसिएशन प्रधान राजेंद्र चुटानी व्यापारियों के साथ मेयर से मुलाकात कर उनके फैसले के बारे में बातचीत करेंगे। यानी निगम के आय के सोर्स बढ़ने की बजाय घट रहे हैं।

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ठेकेदार कूट रहा चांदी, वाहन असुरक्षित, अफसर मूकदर्शक

राजगुरु मार्केट में ठेकेदार गाड़ी लेकर आने वाले ग्राहकों से पार्किंग के नाम पर 20 रुपये प्रति गाड़ी वसूल रहा है। जबकि वाहन चोरी होने पर अपनी जिम्मेदारी से भी पल्ला झाड़ रहा है। उधर इसी पार्किंग के अब भी ठेकेदार सालाना 7 लाख रुपये भुगतान को तैयार है। यानी जहां से सात लाख रुपये की न्यूनतम आय हो सकती है, वहां एक ठेकेदार से मिलकर नो प्राफेट नो लॉस के नाम पर निगम में बड़ा खेल चल रहा है।

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जनता परेशान, व्यापारी मालामाल

राजगुरु मार्केट में नो प्रोफेट नो लॉस पर पार्किंग देने के साथ ही सड़क पर व्यवस्था की जिम्मेदारी एसोसिएशन की थी। हालात ये हैं कि रामचाट के आसपास बड़ी संख्या में दुकानों के सामने सड़क पर ही फड़ लग रही हैं। कई रेहड़ियां भी मार्केट में मौजूद हैं। एडवोकेट ने कहा कि पार्किंग व अतिक्रमण के नाम पर भ्रष्टाचार का जो खेल चल रहा है। वह बिना मिलीभगत के संभव नहीं है। यानी व्यापारी व अधिकारी सब चांदी कूट रहे हैं। जिन ग्राहकों के लिए सड़क व बरामदे बने वे उन सुविधाओं से वंचित हैं।

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अफसरों को कोर्ट का भी नहीं डर, लीगल नोटिस के बावजूद कायम अतिक्रमण

निगम में भ्रष्टाचार के आरोपों से लगता है कि अफसरों को कार्रवाई का कोई डर नहीं है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अतिक्रमण मामल में लीगल नोटिस मिलने के बावजूद अतिक्रमण हटाना तो दूर एडवोकेट ने जब अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए आरटीआइ लगाई तो उसे जवाब तक नहीं मिला। मामला अब राज्य सूचना आयोग में आरटीआइ का जवाब न देने पर कार्रवाई के लिए पेंडिग है।

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शहर में पार्किंग व्यवस्था के हालात

- राजगुरु मार्केट पार्किंग- एसोसिएशन संभाल रही है।

- आर्य समाज व बिश्नोई मार्केट पार्किंग - ठेकेदार ने दिसंबर में छोड़ दी थी। अब व्यवस्था गड़बड़ाई है।

- नागोरी गेट पार्किंग - निगम कर्मचारी संभाल रहे थे। आय का ग्राफ बड़े स्तर पर गिरा।

- गुरुद्वारा के पीछे पार्किंग - मार्च तक ठेकेदार के पास।

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जानिए.. पुराने भ्रष्टाचार के मामले, क्या हुई कार्रवाई

- गृहकर में पांच हजार बैलेंस सीट शून्य। दोष साबित, आज तक मामला कागजों में जांच तक सिमटा।

- प्रधान बिहारी लाल राड़ा के समय में विकास कार्यो में टेंडर के नाम पर लाखों रुपये का भ्रष्टाचार का खेल खेला गया था। उसमें विजिलेंस ने जिस अधिकारी को दोषी ठहराया। उसे निगम ने नौकरी पर रख लिया।

- जी-8 मामले में एक कर्मचारी पर पुलिस को एफआइआर के लिए निगम कमिश्नर ने पत्र लिखा था, कार्रवाई अधर में।

- गोवंश के लिए आए दान की राशि गबन करने के मामले में एक कर्मचारी पर जांच शुरू हुई। उसे सजा क्या मिली, कोई नहीं जानता।

- बिल्डिगों के भ्रष्टाचार में बीआइ चार्जसीट हुए। आगामी कार्रवाई क्या हुई, कोई नहीं जानता, पर उनकी प्रमोशन हो गई।

- निगम में नई बिल्डिग बनी, जिसकी सिलिग ढह गई। जांच के आदेश हुए थे, मामला ठंडे बस्ते में।

- टेस्टिग के नाम पर ई-रिक्शा खरीदी। पार्षद जांच की मांग करते रहे और ई-रिक्शा कबाड़ बन गई।

- नकली जी-8 छपवाई। एक कर्मचारी दोषी पाया गया। कार्रवाई क्या हुई, शिकायत करने वाले पार्षद तक को नहीं बताया।

- स्लाटर हाउस में 37 लाख रुपये खर्च, चला आज तक नहीं। अब मरम्मत के नाम पर फिर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं।

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पार्किंग से निगम को लाखों का रेवेन्यू मिल रहा था। उसे निश्शुल्क ठेके पर देना गलत है। मैं अब भी निगम को राजगुरु मार्केट के 7 लाख रुपये सालाना देने को तैयार हूं।

- महेंद्र गुज्जर, पार्किंग ठेकेदार।

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पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अफसर प्लानिग कर रहे हैं। क्या प्लानिग की, इस बारे में उनसे पूछा जाएगा।

- गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम हिसार।

Posted By: Jagran

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