यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चीन से हिसार लौटे 23 लोगों के घर जाकर जांचे कोरोना वायरस के लक्षण, आप रहें सतर्क
एमपीएचडब्लू ने चीन से 21 दिसंबर के बाद लौटे 23 लोगों की पहचान की थी। उपरोक्त कार्यकर्ताओं ने लक्षण जांचने के दौरान सेफ्टी किट इस्तेमाल की।

हिसार, जेएनएन। स्वास्थ्य विभाग के एमपीएचडब्लू(मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर) द्वारा जिले में चीन से आए 23 लोगों के घर-घर जाकर उनमें कोरोना वायरस से जुड़े लक्षणों की जांच की गई। हालांकि इनमें से किसी में भी कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं। एमपीएचडब्लू ने चीन से 21 दिसंबर के बाद लौटे 23 लोगों की पहचान की थी। उपरोक्त कार्यकर्ताओं ने लक्षण जांचने के दौरान सेफ्टी किट इस्तेमाल की। वहीं जिले में चैनत गांव में मिले संदिग्ध रोगी के सैंपल को दिल्ली की एनसीडीसी लैब में भेजा गया है। जहां से दो दिन बाद रिपोर्ट आने के बाद ही रोगी में कोरोना वायरस से ग्रस्त होने की पुष्टि की जा सकेगी।
संदिग्ध रोगी की हालत स्थिर
नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल संदिग्ध रोगी की हालत स्थिर बनी हुई है। मंगलवार को उसे तीन समय बुखार की दवा दी गई। वहीं डाक्टर द्वारा चेकअप भी किया गया। फिलहाल रोगी खुद को स्वस्थ्य महसूस कर रहा है। डाक्टर ने चेकअप के दौरान वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सेफ्टी ड्रेस पहनी।
कोरोना वायरस के लक्षण
- जुकाम
- सांस लेने में तकलीफ
- बुखार
- गले में खराश व दर्द
- निमोनिया हो जाता है।
बचाव ही एकमात्र रास्ता
स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार इस वायरस से बचने का रास्ता संक्रमण से बचाव करना ही है। क्योंकि इस वायरस से निपटने का कोई दवा या टीका उपलब्ध नहीं है।
- अपने हाथ साबुन और पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से अच्छी तरह साफ करें।
- खांसते या छींकते हुए अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढंके, या मास्क लगाएं।
- जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों, उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचे।
- मीट और अंडों को अच्छे से पकाएं।
- जंगल और खेतों में रहने वाले जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
- हाथ मिलाने से बचें।
- वार्तालाप करते समय उचित दूरी बनाकर रखें।
- भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें।
-----स्वास्थ्य विभाग चीन से आए 23 लोगों के संपर्क में रहेगा। यदि किसी में ऐसे लक्षण मिलते हैं तो ऐसे लोगों की जांच के लिए उन्हें आइसोलेशन वार्ड में लाया जाएगा और सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।
- डा. जया गोयल, नोडल अधिकारी, रैपिड एक्शन कमेटी, सिविल अस्पताल, हिसार।
