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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ट्रेन से महिला को फेंकने का मामला: मृतका के स्‍वजनों का आरोप, शव लाने के लिए वसूला गया एंबुलेंस का खर्च

By Manoj KumarEdited By:
Published: Sun, 04 Sep 2022 04:52 PM (GMT+05:30)

महिला को ट्रेन से नीचे फेंकने के मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। रेलवे प्रशासन ने मृतका मंदीप कौर ...और पढ़ें

टोहाना के पास चलती ट्रेन में एक युवक ने छेड़छाड़ करते हुए महिला को ट्रेन से नीचे फेंक दिया था
टोहाना के पास चलती ट्रेन में एक युवक ने छेड़छाड़ करते हुए महिला को ट्रेन से नीचे फेंक दिया था

अमित रूखाया, फतेहाबाद : टोहाना के पास मनचले के महिला को ट्रेन से नीचे फेंकने के मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। मृतका मंदीप कौर की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस वारदात ने ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा पर एक सवालिया निशान लगा दिया था जिसके बाद आरपीएफ ने रेलवे में सुरक्षा के मुद्दे पर एक उच्चस्तरीय बैठक का ऐलान किया है। लेकिन इस बीच इस मामले से जुड़े कुछ शर्मनाक तथ्य भी सामने आ रहे हैं। बताया गया है कि रेलवे प्रशासन ने मृतका मंदीप कौर के शव को पोस्टमार्टम के लिए टोहाना से अग्रोहा मेडिकल ले जाने के लिए जिस एंबुलेंस का इस्तेमाल किया गया, उसका खर्च मृतका के स्वजनों से वसूला गया है।

इतना ही नहीं, पोस्टमार्टम में इस्तेमाल होने वाली कुछ अन्य सामान के लिए भी मृतका के परिवार को ही खर्च करना पड़ा। परिवार की माली हालत कमजोर है जिसके चलते स्वजन अग्रोहा मेडिकल में पोस्टमार्टम के बाद वापिसी में शव के लिए एंबुलेंस अफोर्ड नहीं कर सकते थे तो रिश्तेदार की गाड़ी में अपने साथ साथ शव को भी एडजस्ट करके टोहाना लाए।

मृतका मंदीप कौर के पति हरजिंदर सिंह ने इसकी पुष्टि की है। ये स्थिति तब है जब परिवार की ओर से शव का पोस्टमार्टम अग्रोहा से करवाने की कोई मांग नहीं थी। वारदात की भयावहता को देखते हुए टोहाना अस्पताल प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के बोर्ड से करवाने की सलाह देते हुए अग्रोहा मेडिकल रेफर किया था। इसके चलते मृतका के शव का अंतिम संस्कार भी एक दिन की देरी से हो सका था।

जीआरपी टीम पर ये भी आरोप था कि मृतका के शव के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी का खर्च भी मृतका के स्वजनों से वसूला गया था, लेकिन मृतका के पति ने इससे इंकार किया है। उधर इस मामले में बात करने पर जीआरपी के एसएचओ एवं मामले के जांच अधिकारी नरेंद्र कुमार ने वीडियोग्राफी के लिए पैसे लेने से तो साफ इंकार किया है, लेकिन टोहाना से अग्रोहा मेडिकल के लिए एंबुलेंस खर्च बारे पूछे जाने पर दबी जुबान में कहा कि वो तो मृतका के स्वजनों ने अपने आप से दे दिए।

अगर उन्हें ऐतराज है तो हम एंबुलेंस खर्च का पैसा परिवार को दे देंगे। इस मामले में अब महिला समिति की जिलाध्यक्ष सुनीता जांडली ने आवाज उठाते हुए मांग की है कि सारा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाए और पीडि़त परिवार को मुआवजा दिया जाए।