टायरों की किल्लत से डिपो में थमे बसों के पहिए, हिसार में 17 बसें वर्कशॉप में खड़ी; यात्री परेशान
हिसार रोडवेज डिपो में टायरों की कमी के कारण 17 बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं, जिससे लोकल रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।

टायरों की किल्लत से डिपो में थमे बसों के पहिए (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, हिसार। हिसार रोडवेज डिपो में टायरों की कमी के कारण बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। हाल ही में 50 ट्यूबलेस टायरों की खेप पहुंची थी, जिसमें से 15 टायर हांसी भेजे गए है, अन्य टायरों का प्रयोग हिसार की एसी बसों के लिए किया जाएगा।
ये सभी ट्यूबलेस टायर है जो एसी बसों के लिए हैं, जबकि हिसार डिपो में अधिकतर बसें नान-एसी हैं। टायर नहीं मिलने से करीब 17 बसें वर्कशाप में खड़ी हैं, जिससे लोकल रूटों पर बस संचालन प्रभावित हो रहा है।
हिसार डिपो में करीब 270 बसें हैं। इनमें 205 बसें हिसार और 65 बसें हांसी के अंतर्गत आती हैं। टायरों की कमी के कारण खड़ी हुई कुल 17 बसों में 10 हिसार डिपो की और 7 हांसी डिपो के अंतर्गत आती हैं।
हर माह 60 टायरों का कोटा
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स युनियन के हिसार डिपो प्रधान राजकुमार चौहान ने बताया कि अप्रैल से ही टायरों का नियमित कोटा नहीं आया है। हर माह करीब 60 नए टायरों का कोटा पहुंचता होता है।
इन टायरों को उन बसों में लगाया जाता है, जिनके टायर कंडम हो चुके हैं। नए टायर नहीं आने से बसों को टायर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अधिकारियों की ओर से डिपो के लिए 240 से अधिक टायरों की डिमांड भेजी गई है।
दो माह बंद रहा रिसोल प्लांट
रोडवेज वर्कशाप में बनाया गया रिसोल प्लांट भी करीब दो माह बंद रहा। इसके चलते रिसोल होने वाले टायरों का ढेर लग गया। हालांकि अब इसे दो माह के लिए दोबारा चालू किया गया है। ऐसे में बसों को न तो नए टायर मिल पाए और न ही रिसोल टायर उपलब्ध हो सके।
वहीं गोगामेड़ी मेले के लिए भी रोडवेज की ओर से स्पेशल बसें चलाई जानी हैं। गोगामेड़ी वाली बसों के लिए भी टायर का कोटा जारी होता है। लेकिन यह कोटा भी जारी नहीं किया गया है।
