हिसार, जेएनएन। काठमांडू में चल रहे साउथ एशियन गेम्‍स में हरियाणा के युवा खिलाड़ी पदकों की झड़ी लगाए हुए हैं। इसी कड़ी में अब हिसार की बेटी पिंकी जांगड़ा ने एक और कदम बढ़ाते हुए बॉक्सिंग में गोल्‍ड मेडल अपने नाम किया है। देश की सर्वश्रेष्‍ठ 100 महिलाओं में चुनी जा चुकी, राष्‍ट्रपति से सम्‍मानित हिसार की बेटी पिंकी जांगड़ा ने साउथ एशियन गेम्स (सैग) में सेमीफाइनल में पाकिस्‍तान की बॉक्‍सर को हराया था। आज पिंकी का फाइनल मुकाबला नेपाल की बॉक्‍सर से था।

घुटने की चोट से उभरने के बाद पिंकी ने साउथ एशियन गेम्स में अपने पंच का दम दिखाया है। सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान की खिलाड़ी अजिज राजिया को पराजित कर पिंकी ने फाइनल में जगह बनाई थी। चोटिल होने के कारण लंबे समय तक पिंकी खेल से दूर रही मगर पिछले कुछ समय से पिंकी ने कड़ी मेहनत कर खेल में शानदार वापसी की है।

पिंकी जांगड़ा को ज्वांइट किलर के नाम से भी जाना जाता है। यही वजह है कि रिंग में उतरने वाली प्रतिद्वंदी खिलाड़ी पर पिंकी जांगड़ा का मानसिक दबाव पहले से ही बन जाता है। जो उसकी जीत में अहम भूमिका अदा करता है। एक दिसंबर से दस दिसंबर तक नेपाल के काठमांडू में चल रहे साउथ एशियन गेम्स (सैग) में उसने पाकिस्तान की खिलाड़ी को एकतरफा हराया था। आजाद नगर निवासी पिंकी जांगड़ा के पिता कृष्ण जांगड़ा सरकारी नौकरी से सेवानिवृत हैं और उनकी मां प्रेम देवी गृहिणी हैं।

भाई को देखकर बॉक्सिंग रिंग में उतरीं थी पिंकी, फिर छूती गई आसमां

पिंकी का अमित जांगड़ा भी बॉक्सर रहा है। उसे बॉक्सिंग करते देख पिंकी की भी बॉक्सिंग करने की इच्‍छा जागी। पिंकी के भाई ने पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया मगर पिंकी ने बॉक्सिंग को ही चुन लिया। वे 14 साल की उम्र में रिंग में उतरी और बॉक्सिंग की शुरुआत कर दी फिर रूकने का नाम नहीं लिया। खेल में उसने कड़ी मेहनत की और एक के बाद एक जीत दर्ज करती चली गई। पिंकी ने खेल में कई शानदार उपलब्धियां हासिल कीं हैं हालांकि कुछ बड़े मुकाबले में निराशा भी उनके हाथ लगी मगर उन्‍होंन इससे कभी हार नहीं मानी और आगे बढ़ती गई, अब उनकी नजर आगामी ओलंपिक पर है।

मैरीकॉम को हरा कर सुर्खियों में रही थी पिंकी

देश की सबसे सफल व विश्व की टॉप बॉक्सरों में नंबर वन का खिताब जीत चुकी मैरी कॉम को पिंकी जांगड़ा ने साल 2009 में जयपुर में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में हराया। इसके अलावा साल 2014 में पटियाला में मैरीकॉम को पराजित कर कॉमनवेल्थ का टिकट पक्का किया था। ओलंपियन पदक विजेता और नंबर वन बॉक्सर मैरी कॉम को पिंकी दो बार रिंग में मात दे चुकी हैं। इन दोनों जीत से पिंकी जांगड़ा सुर्खियों में आ गई थी। उसने दो बार मैरीकॉम को पराजित किया। वहीं कॉमनवेल्थ सहित कई इंटरनेशनल चैंपियनशिप में भी पदक जीतें।

पिंकी जांगड़ा की ये हैं उपलब्धियां

- साल 2015, प्रसिडेंट कप इंडोनेशिया- स्वर्ण पदक

- साल 2014, कॉमनवेल्थ गेम्स ग्लास्गो, कांस्य पदक

- साल 2014, नेशनल चैंपियनशिप भारत, स्वर्ण पदक

- साल 2014 नैशंस कप सर्बिया, रजत पदक

- साल 2012, नेशनल चैंपियनशिप भारत, स्वर्ण

- साल 2012, एशियन चैंपियनशिप मंगोलिया, रजत पदक

- साल 2011, राष्ट्रीय खेल भारत, स्वर्ण पदक

- साल 2010, भारत-श्रीलंका बॉक्सिंग चैंपियनशिप, स्वर्ण पदक।

Posted By: Manoj Kumar

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