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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

1995 में बनी हिसार की ब्लू बर्ड झील एक बार फिर लोगों को रिझाने को तैयार, चल रहा नवीनीकरण कार्य

By Manoj KumarEdited By:
Published: Sun, 24 Jul 2022 04:00 PM (IST)

झील की देखरेख कर रहे लोगों ने भी झील को सुंदर बनाने का निर्णय लिया है। अब झील के पास ...और पढ़ें

हिसार में ब्‍लू बर्ड झील का सुधारीकरण का कार्य चल रहा है
हिसार में ब्‍लू बर्ड झील का सुधारीकरण का कार्य चल रहा है

जागरण संवाददाता, हिसार। ब्लू बर्ड झील एक बार फिर से सैलानियों को रिझाने के लिए तैयार हो गई है। यहां पर पिछले कुछ समय से झील की देखरेख के अभाव में काफी दुर्दशा हो गई थी। यही कारण था कि टूरिज्म लगातार नीचे जाता रहा। एक समय तक तो यह हालत हो गई कि दिन में दो तीन लोग ही यहां पर विचरण करने आते थे। ऐसे में झील का ध्यान रख रहे लोगों ने टूरिज्म बोर्ड से अपील की झील का सौंदर्यीकरण कराया जाए मगर अभी तक यह अपील किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है।

लिहाजा इस मामले में झील की देखरेख कर रहे लोगों ने भी झील को सुंदर बनाने का निर्णय लिया। अब झील के पास लोगों के बैठने की जगह से लेकर टापू तक को सही किया जा चुका है। इसके साथ ही पानी की कमी भी पूरी की जा रही है। गौरतलब है कि यह झील वर्ष 1995 में निर्मित हुई थी। तब से हिसार शहर में पर्यटन का एक प्रमुख स्थान बनी हुई है।

पानी की कमी पूरी करने को लगाई सोलर आधारित पंप

झील में अक्सर पानी की कमी हो जाती थी। जिससे मछलियां मर जाती थी और लोग भी नहीं आते थे। ऐसे में यहां पर अब सोलर आधारित पंप लगा दिया गया है। जाे पानी कि पूर्ति कर रहा है। इसके साथ ही इस बार हुई वर्षा से भी झील में अच्छा जल भर गया। वहीं पहले एक टापू पर बतखों के लिए भी कोई उचित स्थान नहीं था तो वह भी अब बनवा दिया गया है।

हिसार के लिए क्या है ब्लू बर्ड झील की महत्‍ता

शहर में सिरसा दिल्ली बाईपास पर हरियाणा टूरिज्म का ब्लू बर्ड टूरिज्म केंद्र साल 1995 से 52 एकड़ में स्थापित है, जिसमें से करीब 18 एकड़ में झील, कांप्लेक्स व जंगल एरिया है। शहर से बाहर एकांत में बनी यह झील लोगों को खूब आकर्षित करती है। साथ ही शाम के वक्त यहा डूबते सूरज को देखने के लिए बहुत से लोग जाते हैं। मगर कोरेाना का लेकर जारी लॉकडाउन में झील को बंद कर दिया गया था, जिसे अब फिर से खोला गया है।