जागरण संवाददाता, हिसार: विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाने के लिए सरकार विभिन्न चैनलों पर पढ़ाई करवा रही है। विद्यार्थियों को इसका लाभ उठाना चाहिए और अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। विभाग ने ब्लॉकवाइज विभिन्न केबल पर प्रसारित किए जा रहे चैनलों की जानकारी भी जारी की है, ताकि सभी विद्यार्थी इसका लाभ ले सकें। यह जानकारी अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) धनपतराम ने दी। मौका था दैनिक जागरण कार्यालय में शनिवार को आयोजित किए गए हेलो जागरण कार्यक्रम का। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी धनपतराम ने विशेषज्ञ के तौर पर लोगों को फोन पर ऑनलाइन एजुकेशन की समस्याओं को दूर करने के टिप्स दिए। इससे विद्यार्थी व अभिभावक ऑनलाइन एजुकेशन में आ रही समस्याओं के साथ फीस संबंधी समस्याओं को दूर कर सकेंगे। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी ने इस दौरान सरकार की ओर से ऑनलाइन एजुकेशन के लिए दी जा रही सुविधाओं, फीस व किताबें खरीदने पर डिस्काउंट न मिलने की समस्याओं को दूर करने बारे जानकारी दी।

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निदेशालय द्वारा जारी आदेशों की जानकारी दी

- प्राइवेट स्कूल मासिक आधार पर केवल ट्यूशन फीस ही लें। अन्य किसी प्रकार के फंड जैसे बिल्डिंग फंड, रखरखाव फंड, प्रवेश शुल्क, कंप्यूटर शुल्क आदि न लिए जाएं।

- यदि कोई अभिभावक अप्रैल व मई 2020 की ट्यूशन फीस स्थगित करने का अनुरोध करता है तो स्कूल प्रबंधक लॉकडाउन के मद्देनजर इस अनुरोध को स्वीकार करें। स्थगित किए जाने वाली अप्रैल व मई की बकाया ट्यूशन फीस को आगामी तीन महीनों में बराबर किश्तों के आधार पर जमा करवा लिया जाए। इसके अतिरिक्त ऐसे सभी अभिभावक जो मासिक ट्यूशन फीस जमा करवाने का साम‌र्थ्य रखते हैं और जिनके द्वारा ट्यूशन फीस स्थगित करने का औपचारिक अनुरोध नहीं किया गया, उनसे मासिक आधार पर ट्यूशन फीस जमा करवा ली जाए।

- प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे सभी विद्यार्थी पूर्व वर्षों की भांति मासिक आधार पर मास जून 2020 से नियमित रूप से ट्यूशन फीस जमा करवाएंगे।

- निजी विद्यालय मासिक आधार पर ली जानी वाली ट्यूशन फीस में किसी प्रकार की वृद्धि न करें।

- स्कूलों द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्राइवेट स्कूल में किसी प्रकार का हिडन चार्ज न जोड़ें।

- लॉकडाउन की अवधि के दौरान किसी भी प्राइवेट स्कूल द्वारा अभिभावकों, छात्रों से किसी प्रकार का यातायात शुल्क न लिया जाए।

- कोई भी प्राइवेट स्कूल इस वर्ष स्कूल यूनिफार्म में किसी प्रकार का बदलाव ना करें।

- कोई भी प्राइवेट स्कूल पुस्तकों, कार्य पुस्तकों, अभ्यास पुस्तकों, प्रैक्टिकल, फाइल आदि में बदलाव न करें।

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जिले में ब्लॉक वाइज इन चैनलों पर प्रसारित किए जा रहे हैं एजुकेशन कार्यक्रम

उकलाना

सुरभि - 213, 214

एयरटेल - 436, 437

डिश फ्री - 213, 214, 215, 216, 217, 218

टाटा स्काई - 755, 756

अग्रोहा

फास्टवे - 295 से 299

डिश टीवी - 950

एयरटेल टीवी - 440, 438

सिटी केबल - 617, 619, 620

आदमपुर

डिश टीवी - 901

एयरटेल टीवी - 442

टाटा स्काई - 755

नारनौंद

फास्टवे - चैनल नंबर 296 से 299

फ्री डिश - चैनल नंबर 126 से 129

बरवाला

डिश टीवी - चैनल नंबर 131 से 137

पेड डिश टीवी - चैनल नंबर 946

डीडी नेशन - चैनल नंबर 133

बास

फास्टवे केबल - चैनल नंबर 283 से 293

हिसार-1 और हिसार -2

सिटी केबल - 617 से 620

एमएचआरडी - 22, 29, 31

एयरटेल - 328

स्वयंप्रभा - 19, 31

हांसी -1

सिटी केबल - 617 से 620

डिश टीवी - 650 से 655

फ्री डिश - 125 से 130

टाटा स्काई - 653 से 756

एयरटेल - 438 से 440

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अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी धनपतराम द्वारा लोगों को फोन पर दिए गए सवालों के जवाब

सवाल - हिसार शहर निवासी राजेश ने पूछा कि उनके बच्चे निजी स्कूल में पढ़ रहे हैं लेकिन सीबीएसई की किताबों पर उन्हें डिस्काउंट नहीं मिल रहा। क्या पिछले साल की किताबों से ही पढ़ाया जाएगा।

जवाब - शिक्षा निदेशालय ने पुस्तकों में किसी प्रकार का बदलाव ना करने के आदेश दिए हैं। विद्यार्थियों को पिछले वर्ष की किताबों से ही पढ़ाया जाएगा। डिस्काउंट की बात है तो उसके लिए आप कार्यालय में आकर मिल सकते हैं। इस पर विचार-विमर्श करके पत्र जारी किया जाएगा।

सवाल - सीसवाल गांव से वेदप्रकाश ने पूछा कि स्कूल कब खुलेंगे।

जवाब - यह तो प्रकृति के ऊपर है। सरकार के आगामी आदेशों के अनुसार ही स्कूल खोले जाएंगे। अभी तक स्कूल खोलने के कोई आदेश नहीं आए हैं। कोविड-19 महामारी के मामलों को ध्यान में रखकर सरकार यह फैसला लेगी।

सवाल - शहर से ही दीक्षा ने पूछा कि उसका छोटा भाई 9वीं कक्षा में पढ़ता है लेकिन वह ऑनलाइन पढ़ाई करने पर ध्यान नहीं देता। थोड़ी बहुत देर पढ़ने में ही उसके चश्मे के दो नंबर बढ़ गए हैं।

जवाब - बच्चों को पढ़ाई करवाने के लिए अभिभावकों को उनका साथ देना होगा। बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें, वहीं बच्चों की आंखों की समस्या को दूर करने के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञ के अनुसार प्रत्येक 20 मिनट पढ़ने के बाद 20 सेकेंड तक 20 फीट की दूरी तक देखना चाहिए। इससे आंखों को आराम मिलता है।

सवाल - सेक्टर 9-11 से ज्योति ने पूछा कि विद्यार्थियों को ऑनलाइन एजुकेशन के लिए कौन से चैनल प्रसारित किए जा रहे है।

जवाब - विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए सरकार की ओर से कुछ चैनल निर्धारित किए गए हैं। इन चैनलों पर विभिन्न विषयों के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

सवाल - शहर निवासी नेहा ने पूछा कि अगर किसी बच्चे के पास एंड्रायड फोन नहीं है तो वो कैसे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकते हैं।

जवाब - जिन बच्चों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं हैं, वह अपने सहपाठियों के साथ वाट्सएप ग्रुप पर भेजे जाने वाले विषयों की पढ़ाई कर सकते हैं। प्रत्येक स्कूल की ओर से विद्यार्थियों के वाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जिनके जरिये विद्यार्थियों को पढ़ाई करवाई जा रही है। अधिकारियों व शिक्षकों द्वारा 20-20 बच्चों की मॉनिटरिग भी की जा रही है।

सवाल - मॉडल टाउन से संजना ने पूछा कि बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए मोबाइल देते हैं तो कुछ समय बाद वो गेम खेलते हुए मिलते हैं।

जवाब - इसके लिए अभिभावकों को विद्यार्थियों का ध्यान रखना होगा। बच्चे शरारती होते हैं इसलिए उन्हें अभिभावकों को बार-बार समझाने की जरूरत पड़ती है।

Posted By: Jagran

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