बिश्नोई परिवार की घर वापसी, आदमपुर में बसेगा नया आशियाना; दीवाली बाद होगी गृह प्रवेश
बिश्नोई परिवार आदमपुर अनाज मंडी की दुकान नंबर 106-107 पर अपने नए महलनुमा घर में 11 नवंबर को गृह प्रवेश करेगा।
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अनाज मंडी की दुकान नंबर 106-107 पर फिर बसेगा बिश्नोई परिवार का आशियाना।
HighLights
11 नवंबर को बिश्नोई परिवार का आदमपुर में गृह प्रवेश
दुकान नंबर 106-107 पूर्व सीएम भजनलाल का राजनीतिक केंद्र
नया महलनुमा घर आदमपुर की सबसे ऊंची इमारतों में
संवाद सहयोगी, मंडी आदमपुर। आदमपुर अनाज मंडी की दुकान नंबर 106-107 एक बार फिर बिश्नोई परिवार के लिए खास पहचान बनने जा रही है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. चौधरी भजनलाल के कारोबार और राजनीतिक जीवन से जुड़ी इस जगह पर अब बिश्नोई परिवार का नया आशियाना तैयार हो गया है।
11 नवंबर, यानी 11-11 को यहां गृह प्रवेश समारोह आयोजित किया जाएगा। इसको लेकर भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई और उनके परिवार की ओर से समर्थकों व क्षेत्रवासियों को निमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। दुकान नंबर 106-107 का बिश्नोई परिवार के इतिहास में विशेष महत्व रहा है।
स्व. चौधरी भजनलाल ने शुरुआती दिनों में आदमपुर में घी बेचने का काम किया था। इसके बाद उन्होंने अनाज मंडी में इस दुकान से आढ़त का कारोबार शुरू किया। समय के साथ यह जगह भजनलाल परिवार की राजनीतिक गतिविधियों और समर्थकों से मुलाकात का प्रमुख केंद्र बन गई। अब इसी स्थान पर आवास तैयार होने से दुकान से जुड़ी पुरानी यादें एक बार फिर चर्चा में हैं।
आदमपुर के सबसे ऊंचे घरों में शामिल है नया आशियाना
अनाज मंडी में दुकान की जगह महलनुमा मकान बनाया गया है। इसे आदमपुर के सबसे ऊंचे आवासों में से एक बताया जा रहा है। इसके निचले हिस्से में बैठक हाल और कार्यालय तैयार किया गया है, जबकि ऊपर की मंजिलों पर परिवार के रहने की व्यवस्था है। अब बिश्नोई परिवार इसी आवास में रहेगा।
फिलहाल परिवार का अधिकतर समय हिसार और दिल्ली स्थित आवासों में बीतता है। कुलदीप बिश्नोई आदमपुर आने पर इसी स्थान पर बने कार्यालय में समर्थकों से मुलाकात करते हैं और बैठकें भी करते हैं।
निमंत्रण पत्र में पिता की यादों और संस्कारों का जिक्र
गृह प्रवेश के निमंत्रण पत्र में कुलदीप बिश्नोई ने इस अवसर को भावुक और यादगार बताया है। उन्होंने लिखा है कि जीवन में कुछ पल ऐसे होते हैं, जो केवल खुशी ही नहीं देते, बल्कि अपनों के साथ बिताए सुनहरे पलों, बुजुर्गों के आशीर्वाद और परिवार की एकजुटता को भी मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने स्व. चौधरी भजनलाल की प्रेरणा, संस्कारों और आशीर्वाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पिता ने जीवनभर लोगों के प्रेम, विश्वास और रिश्तों को सर्वोपरि रखा। उन्हीं के दिखाए मार्ग पर चलते हुए नए घर में नई शुरुआत की जा रही है। कुलदीप बिश्नोई ने अपने संदेश में घर को केवल ईंट-पत्थरों से बनी इमारत नहीं, बल्कि अपनों के प्यार, विश्वास और अपनत्व से सजा संसार बताया है।
पुरानी कोठी बिकने के बाद उठे थे परिवार के जुड़ाव पर सवाल
बिश्नोई परिवार की आदमपुर के माडल टाउन स्थित पुरानी कोठी बिकने के बाद क्षेत्र में परिवार के यहां से दूर होने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। तीन नवंबर 2022 में आदमपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान कुलदीप बिश्नोई ने कहा था कि भव्य बिश्नोई आदमपुर में रहकर लोगों की सेवा करेंगे। इसके बाद अनाज मंडी की दुकान के ऊपर आवास बनाने का काम शुरू हुआ।
भव्य की चुनावी हार के बाद इसी दुकान पर भावुक हुए थे कुलदीप
अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव में भव्य बिश्नोई के आदमपुर सीट से हारने के बाद नौ अक्टूबर को कुलदीप बिश्नोई इसी दुकान पर समर्थकों से मिलने पहुंचे थे। उस दौरान वह भावुक हो गए थे। आदमपुर आने पर समर्थकों से मुलाकात के लिए वह आज भी इसी स्थान पर पहुंचते हैं।
आदमपुर विधानसभा सीट पर वर्ष 1967 में स्व. चौधरी भजनलाल ने पहली बार जीत दर्ज की थी। इसके बाद लंबे समय तक भजनलाल परिवार के सदस्य इस सीट से चुनाव लड़ते रहे।
