हिसार, जेएनएन। अर्बन एस्टेट निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता स्व. सुभाष गुप्ता की शहर के बीचों बीच दिन दहाड़े चाकू मारकर हत्या करने के मामले में उनके समधी एवं भारत गैस एजेंसी के संचालक रामपुरा मोहल्ला निवासी पवन बंसल सहित सात लोगों को हत्या के मामले में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इससे पहले शुक्रवार को अदालत ने आरोपितों को दोषी करार दिया था।

दोषियों में पवन बंसल के अलावा महाबीर कालोनी निवासी पवन उर्फ पांडा, सुनील कुमार, कुलदीप कुमार, सैनियान मोहल्ला निवासी गुलशन उर्फ गुल्लू, संजीव उर्फ संजू और मिरकां निवासी नरेश कुमार को दोषी करार दिया था।

अदालत में चले अभियोग के अनुसार 24 जनवरी 2017 को वरिष्ठ अधिवक्ता स्व. सुभाष गुप्ता अपनी इनोवा गाड़ी में सवार होकर दोपहर को तीन बजकर 40 मिनट पर कोर्ट से निकले थे। तीन बजकर 50 मिनट तक वह दिल्ली रोड पर दुर्गा पेट्रोल पंप पर पहुंचे तो अचानक एक बाइक गाड़ी के आगे आकर रुकी।

उसी दौरान ड्राइवर लक्ष्मी नारायण ने गाड़ी के ब्रेक लगा दिए। उसी दौरान साइड में खाली प्लाट से सात से आठ युवक निकल आए और हमला कर दिया। डंडों से गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। स्व. सुभाष मित्तल के सिर पर वार किया। दूसरे युवक ने उनकी छाती में चाकू के वार किए। इसी दौरान सुभाष गुप्ता ने भागने का प्रयास किया तो एक और युवक ने उनके सिर पर डंडे से वार कर दिया था।

वह उसी समय गाड़ी के पास गिर गए। शोर होने पर आस पास के लोग जमा हो गए तो हमलावर मौके से फरार हो गए थे। उसी दौरान पीछे से आ रहे सुभाष गुप्ता के बेटे एडवोकेट कमल गुप्ता पहुंच गए। उन्होंने सारा वाकया देखा और सुभाष गुप्ता को उठाकर तुरंत निजी अस्पताल ले गए। उनको चेक करने के बाद डाक्टर ने सिविल अस्पताल भेज दिया था, जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया था।

पुलिस ने इस मामले में जांच करते हुए स्व. सुभाष गुप्ता के समधी एवं भारत गैस एजेंसी के संचालक पवन बंसल को गिरफ्तार किया था। उसके बाकी छह साथियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को अदालत ने ढाई साल में सुनवाई पूरी करने के बाद सातों को दोषी करार दिया है। उनको शनिवार को सजा सुनाई जाएगी।

बेटी के साथ ससुरालियों के विवाद के बाद की थी हत्‍या

वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष गुप्ता के बेटे रोज गुप्ता की शादी पवन बंसल की बेटी शालू की शादी हुई थी। शादी के बाद उनके एक बच्चा हुआ था। लेकिन घटना से कुछ माह पहले तक दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई थी। दोनों परिवारों के बीच पंचायत हुई थी लेकिन मामला शांत नहीं हुआ था। पंचायत में भी पवन के साथ गुप्ता परिवार का झगड़ा हुआ था।

12 गवाह हुए थे पेश

अदालत में चले मामले में ढाई साल में 12 गवाह पेश किए गए थे। इसमें एडवोकेट कमल गुप्ता की तरफ से मुख्य गवाही दी गई थी। वही एक कारण इनको दोषी देने का बना।

Posted By: Manoj Kumar

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