हिसार, जेएनएन। डिप्टी सीएम के निर्देश पर हिसार में नारनौंद बीडीपीओ पर बड़ी कार्रवाई की गई है। एक कर्मचारी को बैक डेट में ज्वाइनिंग कराने के मामले में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने प्रशासन को जांच के आदेश दिए थे। इसकी जांच पूरी होने के बाद नारनौंद बीडीपीओ को अपने पद से हटा दिया गया है। वहीं कई गांवों की पंचायतों द्वारा बीडीपीओ आदमपुर के खिलाफ की गई शिकायतों को लेकर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन ने पंचायत एवं विकास विभाग के उच्चाधिकारियों को लिख दिया है।

डिप्टी सीएम जब हिसार स्थित अपने आवास पर आए तो उन्होंने इन दोनों मामलों का स्टेटस जाना। नई सरकार बनने के बाद अभी तक के किसी प्रशासनिक अधिकारी पर यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इस मामले को लेकर दुष्यंत चौटाला के तेवर पिछली बैठक में ही साफ नजर आ गए थे।

पढिय़े तीन मामले, जिसमें डिप्टी सीएम के निर्देश पर हरकत में आया प्रशासन

केस 1 : बैक डेट में ऐसे कराई थी ज्वाइनिंग

डिप्टी सीएम बनने के बाद दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों के साथ लघु सचिवालय सभागार में पहली बैठक ली। जिसमें उस समय नारनौंद ब्लॉक की जिम्मेदारी संभाल रहे बीडीपीओ रण ङ्क्षसह को बुलाया। डिप्टी सीएम ने मंच से आरोप लगाए कि आपकी शिकायत है कि आपने हांसी-द्वितीय खंड में एक कर्मचारी की बैक डेट में ज्वाइङ्क्षनग कराई थी। इस मामले पर जांच हुई तो सत्यता मिली तो नारनौंद बीडीपीओ रण ङ्क्षसह को हटा दिया गया है। रण ङ्क्षसह पहले ही रिटायर हो चुके थे, उन्हें ब्लॉक में अधिकारी न होने की वजह से बीडीपीओ का काम दे दिया गया था। यह वही बीडीपीओ से थे, जिन्होंने विधानसभा चुनावों में दुष्यंत की ग्रांट से दिए पानी के टैंकरों का रंग बदलवा दिया था।

केस 2 : ग्राम पंचायतों से प्रतिनिधियों ने की थी शिकायत

आदमपुर खंड के कई गांवों के सरपंचों की आदमपुर के बीडीपीओ संदीप कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए डिप्टी सीएम को हस्ताक्षर कर शिकायत सौंपी थी। इस मामले में डिप्टी सीएम ने बीडीपीओ से जवाब तलब भी किया था। मामले को लेकर पंचायत विभाग ने अपने हेडक्वार्टर में लिख दिया है। बीडीपीओ के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। खास बात है कि रविवार को भी डिप्टी सीएम ने इस मामले का स्टेटस जाना।

केस 3 : उमरा सुल्तानपुर में अब 10 दिन में बनेगा ड्रेन पर पुल

हिसार के सांसद रहने के दौरान दुष्यंत चौटाला ने उमरा सुल्तानपुर में एक ड्रेन के ऊपर पुल बनाने के लिए लगभग 14 लाख रुपये सिंचाई विभाग को दिए थे। रुपये लेने के बाद विभाग ने इस पुल को नॉट फिजिबल बता दिया। इसके बाद जनवरी माह में डिप्टी सीएम ने यह काम सिंचाई विभाग से लेकर पीडब्ल्यूडी को दिया। इसके बाद इस पर निर्माण का कार्य जारी है। रविवार को अधिकारियों ने बताया कि 10 दिन में वह इस निर्माण कार्य को पूरा कर लेंगे।

------नारनौंद बीडीपीओ रहे अधिकारी को हटा दिया गया है तो आदमपुर बीडीपीओ की आई शिकायत को हेडक्वार्टर भेजा गया है। डिप्टी सीएम की बैठक के बाद इस मामले को विभाग ने गंभीरता से लिया था।

-सूरजभान, डीडीपीओ।

Posted By: Manoj Kumar

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